Subscribe:

Ads 468x60px

सोमवार, 11 सितंबर 2017

हम रोज मंसूबे बनाते हैं




हम रोज मंसूबे बनाते हैं 
सच की आवाज़ बनेंगे 
पर एक भय है अपनों का 
और हम अपनी आत्मा से मुँह मोड़ लेते हैं  ... 


6 टिप्पणियाँ:

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति ..

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर सूत्र । अच्छी प्रस्तुति।

सदा ने कहा…

Behatareen links sanyojan ....

Aparna Bajpai ने कहा…

सभी लिंक खास हैं. सुंदर प्रस्तुति

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

यही होता है... यही होता आया है!!

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

सदा की तरह उत्तम

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार