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सोमवार, 17 जुलाई 2017

थोड़ा कहा ... बहुत समझना - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

आज आप को एक छोटा सा लतीफ़ा सुना रहा हूँ पर दरअसल इस लतीफ़े में एक सबक छिपा है ...

पुलिस: तुम्हें पता कैसे लगा कि इनके घर पर कोई नहीं है?

चोर: फेसबुक पर पूरे परिवार के 15 फोटो डाले थे, लिखा था "मस्ती With Full Family In नैनीताल"
 
कुछ समझे ... !!??
 
सादर आपका

10 टिप्पणियाँ:

डा0 हेमंत कुमार ♠ Dr Hemant Kumar ने कहा…

अच्छे लिंक्स मिले यहाँ आकर....शुक्रिया मुझे भी यहाँ पर स्थान देने के लिए....
डा० हेमंत कुमार

राजीव कुमार झा ने कहा…

बहुत सुंदर बुलेटिन.मुझे भी शामिल करने के लिए आभार.

parmeshwari choudhary ने कहा…

यात्रानामा को आज के बुलेटिन में स्थान देने के लिये आपका बहुत आभार .बुलेटिन आपका हमेशा ही शानदार होता है .

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

जब लिंक्स आते हैं तब हम आयें जब नहीं होते हैं लिंक्स तब भी आयें । सुन्दर ।

केवल राम ने कहा…

प्रयास जारी रहे,

sadhana vaid ने कहा…

आज के बुलेटिन में मेरी रचना को स्थान देने के लिए हार्दिक आभार शिवम् जी ! अन्य सभी सूत्र भी बहुत सुन्दर !

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति ..

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

@कुछ समझे ... !!??......नहीं ना ! यही तो मुसीबत है

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

सही कहा आपके चुटकले ने, सारे राज तो फ़ेसबुक पर उजागर रहते हैं, सुंदर लिंक्स, आभार.
रामराम
#हिन्दी_ब्लॉगिंग

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

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