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बुधवार, 31 मई 2017

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार। 

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के लिए चित्र परिणाम
पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिये तंबाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से लोगों को आसानी से जागरुक बनाने के लिये पूरे विश्व भर में एक मान्यता-प्राप्त कार्यक्रम के रुप में मनाने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पहली बार विश्व तंबाकू निषेध दिवस को आरम्भ किया गया।

रोग और इसकी समस्याओं से पूरी दुनिया को मुक्त बनाने के लिये डबल्यूएचओ द्वारा विभिन्न दूसरे स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं जैसे एड्स दिवस, मानसिक स्वास्थ्य दिवस, रक्त दान दिवस, कैंसर दिवस आदि। बहुत ही महत्वपूर्ण ढंग से पूरी दुनिया में सभी कार्यक्रम आयोजित और मनाये जाते हैं। इसे पहली बार 7 अप्रैल 1988 को डबल्यूएचओ की वर्षगाँठ पर मनाया गया और बाद में हर वर्ष 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाने की घोषणा की गयी। डबल्यूएचओ के सदस्य राज्यों के द्वारा वर्ष 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में इसका सृजन किया गया था।

बढ़ती माँग के अनुसार 7 अप्रैल 1988 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस कहे जाने वाले एक वार्षिक कार्यक्रम को मनाने के लिये 15 मई 1987 को डबल्यूएचओ द्वारा एक प्रस्ताव पास हुआ था, “तंबाकू के इस्तेमाल पर रोक” जो बाद में 31 मई 1989 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाने के लिये 17 मई 1989 को आगे दूसरे प्रस्ताव के अनुसार बदला गया था।

तंबाकू के सेवन से हर वर्ष 10 में कम से कम एक व्यक्ति की मौत जरुर हो जाती है जबकि पूरे विश्व भर में 1.3 बिलियन लोग तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। 2020 तक 20-25% तंबाकू के इस्तेमाल को घटाने के द्वारा हम लगभग 100 मिलीयन लोगों की असामयिक मृत्यु को नियंत्रित कर सकते हैं। जो कि सभी धुम्रपान विरोधी प्रयासों और कदमों को लागू करने के द्वारा मुमकिन है जैसे तंबाकू के लिये टीवी या रेडियो विज्ञापन पर बैन लगाया जाये, खतरों को दिखाते नये और प्रभावकारी लोक जागरुकता अभियान की शुरुआत और सार्वजनिक जगहों में धुम्रपान को रोकने की जरुरत है। आँकड़ों के अनुसार, ये ध्यान देने योग्य है कि 1995 में लगभग 37.6% धुम्रपान करने वाले लोगों की संख्या में कमी आयी है जबकि 2006 में ये 20.8% है।

ये ध्यान दिया गया कि चीन में 50% पुरुष धुम्रपान करते हैं। हरेक देश की सरकार को इस बुरी स्थिति के प्रभाव को कम करने के लिये राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरुरत है। धुम्रपान विरोधी नीतियों के द्वारा ये हो सकता है जैसे तंबाकू पर टैक्स लगाना, बिक्रि, खरीद, विज्ञापन, तंबाकू और इसके उत्पादों के प्रचार और प्रायोजक को सीमित करना, धुम्रपान के खतरों का आँकलन करने के लिये सार्वजनिक स्वास्थ्य कैंप आयोजित करना आदि।



~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~ 

















आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर.... अभिनन्दन। 

5 टिप्पणियाँ:

shikha varshney ने कहा…

बढ़िया सूत्र. आभार

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति हर्षवर्धन।

रश्मि शर्मा ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति। मेरी रचना के लिए आभार ।

Anita ने कहा…

तंबाकू का प्रयोग किसी भी रूप में शरीर के लिए हानिकारक है, तंबाकू निषेध दिवस का अधिक से अधिक प्रचार होना चाहिए.
सुंदर सूत्रों से सजा बुलेटिन, आभार !

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी जागरूक कराती बुलेटिन प्रस्तुति

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