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सोमवार, 29 मई 2017

कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' (अंग्रेज़ी: Kanhaiyalal Mishra Prabhakar, जन्म: 29 मई, 1906 - मृत्यु: 9 मई 1995) हिन्दी के जाने-माने निबंधकार हैं जिन्होंने राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संबंध रखने वाले अनेक निबंध लिखे हैं। 'ज्ञानोदय' पत्रिका का सम्पादन भी कन्हैयालाल कर चुके हैं। आपने अपने लेखन के अतिरिक्त अपने नये लेखकों को प्रेरित और प्रोत्साहित किया है।

प्रभाकर हिन्दी के श्रेष्ठ रेखाचित्रों, संस्मरण एवं ललित निबन्ध लेखकों में हैं। यह दृष्टव्य है कि उनकी इन रचनाओं में कलागत आत्मपरकता होते हुए भी एक ऐसी तटस्थता बनी रहती है कि उनमें चित्रणीय या संस्मरणीय ही प्रमुख हुआ है- स्वयं लेखक ने उन लोगों के माध्यम से अपने व्यक्ति को स्फीत नहीं करना चाहा है। उनकी शैली की आत्मीयता एवं सहजता पाठक के लिए प्रीतिकर एवं हृदयग्राहिणी होती है। कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर की सृजनशीलता ने भी हिन्दी साहित्य को व्यापक आभा प्रदान की। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' ने उन्हें 'शैलियों का शैलीकार' कहा था। कन्हैयालाल जी ने हिन्दी साहित्य के साथ पत्रकारिता को भी व्यापक रूप से समृद्ध किया।




आज कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' जी के 111वें जन्मदिवस पर समस्त हिन्दी ब्लॉग जगत और हमारी ब्लॉग बुलेटिन टीम उन्हें याद करते हुए शत शत नमन करती है। सादर।। 


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~














आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

7 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' जी के 111वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन। 'उलूक' के सूत्र को स्थान देने के लिये आभार हर्षवर्धन।

Vishwa Mohan ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति!

Anita ने कहा…

प्रशंसनीय प्रस्तुति, आभार !

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति

Nageshwar Singh Baghel ने कहा…

पीपल , को सनातन संस्कृति में देववृक्ष क्यों माना जाता है !
मेरे इस ब्लॉग को प्रसारित करने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...आभार

Digamber Naswa ने कहा…

अच्छा संकलन बुलेटिन में ... आभार मुझे शामिल करने का ...

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बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

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