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मंगलवार, 21 मार्च 2017

रोना क्यूँ ?




शारीरिक संरचना की स्थिति किसी शिक्षा से नहीं बदल सकती 
अपने अंतस को दृढ करना है 
कि - गिरने से हार नहीं होती 
बिना गिरे संकल्प नहीं उभरता 
स्थापित होने से पहले खौफनाक तूफानों से जूझना होता है 
मन की मजबूती नए दरवाज़े खोलती है
तो रोना क्यूँ ? 

6 टिप्पणियाँ:

yashoda Agrawal ने कहा…

सादर नमन
एक अच्छी बुलेटिन
सादर

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति।

Sudha Devrani ने कहा…

बहुत सुन्दर....

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति
आभार!

ANKIT SACHAN ने कहा…

सादर नमन
एक अच्छी बुलेटिन
सादर

savan kumar ने कहा…

गिरते हैं हम सभलने के लिए तो गिर कर रोना क्यूँ
http://savanxxx.blogspot.in

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