Subscribe:

Ads 468x60px

बुधवार, 29 मार्च 2017

ब्लॉग बुलेटिन - १६० वर्ष पहले आज भड़की थी प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की ज्वाला

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।
मंगल पाण्डेय 
आज २९ मार्च है ... आज ही के दिन सन १८५७ के प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पाण्डेय ने विद्रोह की शुरुआत की थी। 

जब गाय व सुअर कि चर्बी लगे कारतूस इस्तमाल मे लेने का आदेश हुआ तब बैरकपुर छावनी में बंगाल नेटिव इन्फैण्ट्री की ३४वीं रेजीमेण्ट में सिपाही मंगल पाण्डेय ने मना करते हुए विरोध जताया इसके परिणाम स्वरूप उनके हथियार छीन लिये जाने व वर्दी उतार लेने का फौजी हुक्म हुआ। पूरा लेख यहाँ पढ़े ... ब्लॉग - बुरा भला ~ १६० वर्ष पहले आज भड़की थी प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की ज्वाला


भारत के प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के इस अग्रदूत अमर शहीद मंगल पाण्डेय जी को हम सब शत शत नमन करते है।।


अब चलते हैं आज की बुलेटिन की ओर...














आज की बुलेटिन में सिर्फ इतना ही कल फिर मिलेंगे, तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

5 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

नमन मंगल पण्डेय जी को । आभार 'उलूक' के सूत्र को आज के बुलेटिन में जगह देने के लिये हर्षवर्धन ।

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति
संग्राम के अग्रदूत मंगल पाण्डेय को शत-शत नमन!

Anita ने कहा…

स्वतन्त्रता संग्राम के प्रथम सेनानी को भावभीनी श्रद्धांजलि ! पठनीय सूत्रों से सजा बुलेटिन,आभार !

Mann ने कहा…

प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पाण्डेय को शत शत नमन

पढ़ें लाल बहादुर शास्त्री जी द्वारा लिखे 10 अनमोल विचार

राकेश कुमार श्रीवास्तव राही ने कहा…

सुंदर लिंकों से सजी बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति हर्षवर्धन जी।
संग्राम के अग्रदूत मंगल पाण्डेय को मेरा भी शत-शत नमन!

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार