Subscribe:

Ads 468x60px

शुक्रवार, 20 जनवरी 2017

टूटी सड़क के सबक - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |



अगर आपकी राह में छोटे छोटे पत्थर, ऊबड़ खाबड़ सड़क मिले या गड्ढे आयें तो समझ लेना...












अब तो चुनावों के बाद ही सड़क सही हो पाएगी।












किताबें और मेले

देवेन्द्र पाण्डेय at बेचैन आत्मा 
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

6 टिप्पणियाँ:

Sushil Bakliwal ने कहा…

टूटी सडक के सबक वाले इस विशेष प्रसारण में मेरे फूटे घडे का कॉम्बिनेशन अच्छा लगा । आभार सहित...

Kavita Rawat ने कहा…

चुनाव के बाद भी तो एक दो साल तो वे ख़ुशी में मगरूर रहते हैं फिर उसके बाद चुनाव की चिंता और फिर वही ढाक के तीन पात ..
अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति हेतु धन्यवाद

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…


सडकों में गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच सड़कें...

रश्मि प्रभा... ने कहा…

ये सड़क और चुनाव ... कभी सड़क दुर्घटना, कभी नेता :)

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

Anita ने कहा…

देर से आने के लिए खेद है..चुनाव के वादे कभी पूरे हुए हैं..टूटी सड़क तब भी सुधरेगी इसका भी तो पक्का भरोसा नहीं..आभार !

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार