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रविवार, 20 नवंबर 2016

2016 अवलोकन माह नए वर्ष के स्वागत में - 6




गरीब हो या अमीर 
पति हो या पत्नी 
दिल से मित्रता करने का पहला रास्ता है - पेट !
सबसे अहम माँग - पेट की भूख 
फिर कपडा और मकान !!

शुरूआती मुश्किल दौर में आदमी कुछ भी कच्चा-पक्का खा लेता था, फिर वह बेहतर से बेहतर स्वाद ढूँढने लगा , कुकिंग कोर्स, कॉम्पिटिशन और कुछ अनोखा बनाने की कोशिश इंसान करने लगा।  

आइये 

भुक्खड़ घाट Bhukkhad Ghat पर


एक नया अड्डा उन फूडीज के लिए जिन्हें पसंद है पकाना, खाना और खिलाना।

भुक्खड़ों की एक टीम यहाँ हर बार परोसेगी कुछ दिलचस्प और मजेदार पकवान। तो यदि आप

 भी हैं खाने और खिलाने के शौक़ीन तो जरूर लगाइये एक चक्कर इस ब्लॉग का और लीजिये आनंद।

क्योंकि - 

टमी खुश तो सब खुश -


भुक्खड़ घाट Bhukkhad Ghat: दाल बरूले...


बारिशों का मौसम हो और कुछ गरमागरम तले हुए नाश्ते की बात न हो तो कैसी बारिश। आमतौर पर पकोड़े और चाय ने बारिश के साथ अपना पैक्ट किया हुआ है परन्तु बेसन होता है थोड़ा भारी तो आज सीखिए यह बरूले - हलके भी, पौष्टिक भी और बारिश के लिए एकदम फिट. 
सामग्री -

धुली मूंग की दाल - एक कटोरा 
आलू - दो माध्यम आकार के 
हरी मिर्च - 1 -2 
अदरक - एक इंच 
नमक 
मिर्च 
तलने के लिए तेल 

विधि -
दाल को एक घंटा पानी में भिगो दें 
अब इसका पानी निकालकर (जितना हो सके ) हरी मिर्च, और अदरक के साथ मिक्सर में पीस लें 
अब इसमें आलू छीलकर, छोटा छोटा काटकर मिलाएं
नमक, मिर्च स्वादनुसार डालें और अच्छी तरह से मिक्स कर कर लें 
अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें 
इस मिक्सर को चम्मच या हाथ से पकोड़ों की तरह गर्म तेल में छोड़ें 
मद्धयम आंच पर सुनहरा होने तक तलें. 
अब एक किचन टॉवल /अखवार पर निकालें और 
अपनी मनपसंद चटनी के साथ खाएं, खिलाएं. बारिशों का मौसम हो और कुछ गरमागरम तले हुए नाश्ते की बात न हो तो कैसी बारिश। आमतौर पर पकोड़े और चाय ने बारिश के साथ अपना पैक्ट किया हुआ है परन्तु बेसन होता है थोड़ा भारी तो आज सीखिए यह बरूले - हलके भी, पौष्टिक भी और बारिश के लिए एकदम फिट. 
सामग्री -

धुली मूंग की दाल - एक कटोरा 
आलू - दो माध्यम आकार के 
हरी मिर्च - 1 -2 
अदरक - एक इंच 
नमक 
मिर्च 
तलने के लिए तेल 

विधि -
दाल को एक घंटा पानी में भिगो दें 
अब इसका पानी निकालकर (जितना हो सके ) हरी मिर्च, और अदरक के साथ मिक्सर में पीस लें 
अब इसमें आलू छीलकर, छोटा छोटा काटकर मिलाएं
नमक, मिर्च स्वादनुसार डालें और अच्छी तरह से मिक्स कर कर लें 
अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें 
इस मिक्सर को चम्मच या हाथ से पकोड़ों की तरह गर्म तेल में छोड़ें 
मद्धयम आंच पर सुनहरा होने तक तलें. 
अब एक किचन टॉवल /अखवार पर निकालें और 
अपनी मनपसंद चटनी के साथ खाएं, खिलाएं. 


सामग्री :

छोटी लौकी - 1
एक कप सूजी 
एक कप दही 
इनो - 1 छोटा चम्मच 
नमक 
तेल 
तड़के के लिए -
प्याज - 1 मीडियम  
करी पत्ता 
राई 
लालमिर्च साबित 
हरा धनिया 
चाट मसाला - 1 छोटा  चम्मच 

विधि - 
सूजी में दही और जरुरत के अनुसार पानी मिला कर गाड़ा घोल (इडली जैसा) बनाएं. 
उसमें छीलकर कसी हुई लौकी डालें. 
नमक और इनो और एक बड़ा चम्मच तेल मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें. 
अब एक कुकर या इडली स्टैंड में पानी गर्म करने रखें. 
इडली स्टैंड पर थोड़ा तेल लगाकर कर यह घोल डालें.
अब इस भरे हुए स्टैंड को बर्तन में रखकर इडली की तरह भाप में पकाएं. 
करीब 15 बाद एक छुरी से पोक करके देखें वह साफ़ निकल आये तो मतलब इडली पक गईं. 
इडली पक जाएँ तो उन्हें निकालें और उनके बाईट साइज पीस काट लें.
अब एक फ्राइंग पेन में 2 बड़े चम्मच तेल गर्म करें. 
उसमें प्याज, करी पत्ता, राइ, मिर्च डालें. 
प्याज सुनहरा होने पर उसमें इडली के पीस डाल दें और चाट मसाला बुरक कर अच्छी तरह मिला लें .
अब इडलियों को प्लेट में निकालें और हरे धनिये से सजा कर मनपसंद चटनी के साथ परोसें .



सामग्री - 
साबूदाना 100 ग्राम - कम से कम 4 घंटे पहले पानी में भिगोया हुआ 
आलू 4 - उबले 
कुछ काली मिर्च साबित 
नमक 
सफ़ेद मिर्च पाउडर 
तलने के लिए तेल 

विधि -
उबले आलू को छील कर कद्दूकस कर लें. 
साबूदाने का पानी निकालकर अच्छी तरह निचोड़ लें.
अब आलू में साबूदाना, नमक, सफ़ेद मिर्च मिलाएं.
हाथ पर थोड़ा सा तेल लगा कर छोटी छोटी मछली के आकर की कटलेट बना लें 
इनकी आँख बनाने के लिए एक एक काली मिर्च का प्रयोग करें
एक नॉन स्टिक पैन में तेल गरम करें 
और तेज आंच पर इन कटलेट को सुनहरा होने तक सकें 
आपकी सहकारी गोल्ड फिश तैयार हैं 
इन्हें धनिया की हरी चटनी या टोमेटो कैचप के साथ परोसें. 

4 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया । वैसे भी सिद्ध कर दिया गया है । रोटी जरूरी है कपड़ा और मकान गैर जरूरी ।

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

दीदी, कमाल की स्वादिष्ट प्रस्तुति!

अर्चना चावजी Archana Chaoji ने कहा…

वाह स्वादिष्ट ब्लॉग

shikha varshney ने कहा…

भुक्खड़ घाट को सराहने का बहुत शुक्रिया.

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