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शनिवार, 9 जुलाई 2016

मोमबत्ती की याद तभी आती है,जब अंधकार होता है

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

अगर लोग केवल जरुरत पर ही आपको याद करते है तो बुरा मत मानिये बल्कि गर्व कीजिये ...
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क्योंकि "मोमबत्ती की याद तभी आती है,जब अंधकार होता है।"

सादर आपका
शिवम् मिश्रा 
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हाथ मेरे कुछ भी न आया

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अब आज्ञा दीजिये ... 

जय हिन्द !!! 

6 टिप्पणियाँ:

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

कई मामलों में ज़रूरी है कि ज़रूरत पर ही याद किया जाए.यूँ ही किसी को याद किया तो भी आशंका होती है,क्यों किया !

Asha Saxena ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन में मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद |

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

बरुण सखाजी ने कहा…

Shukriya...

Asha Saxena ने कहा…

आज बुलेटिन में मेरी पोस्ट चुनने के लिए धन्यवाद शिवम् जी |

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन ।

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