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बुधवार, 22 जून 2016

योग आभा से आलोकित वैश्विक समुदाय : ब्लॉग बुलेटिन

भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ में 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की अपील की थी. संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपने इतिहास के सबसे कम समय (90 दिन) में प्रस्ताव को पूर्ण बहुमत से पारित करके 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की अनुमति प्रदान की. 21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बना 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया. पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने (दिल्ली में 35985 लोग) का तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों (192 देश) के लोगों के योग करने का. विरोध और समर्थन के बीच दूसरा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस इस वर्ष भी मनाया गया. इस बार वर्ल्ड के 191 देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है. केवल लीबिया और यमन में हालात खराब होने के चलते वहाँ योग दिवस नहीं मनाया जा रहा है. 


देश में योग सम्बन्धी विवाद पर कितनी हास्यास्पद स्थिति है कि यहाँ वेलेंटाइन डे अथवा अन्य पश्चिमी दिवसों पर भव्य आयोजन बिना किसी विवाद के सहजता से संपन्न हो जाते हैं. लाखों-करोड़ों रुपयों का अपव्यय हो जाता है. आयोजन-संस्कृति के नाम पर शराब, शबाब, कबाब आदि का खेल हो जाता है. ऐसे आयोजनों में न तो मजहबी भावनाओं का आहत होना दिखाई देता है न ही राजनीति दिखाई देती है. ये सबकुछ योग के नाम पर ही सामने आता है. विरोध करने वालों को इस तथ्य पर ध्यान देना होगा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 180 से अधिक दिवसों का आयोजन वैश्विक स्तर पर किया जाता है, इनमें से कितने दिवसों का विरोध देश में होता है. सोचने वाली बात ये है कि कहीं विरोध का कारण ये तो नहीं कि भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे योग के वैश्विक आयोजन करवाने का श्रेय भाजपानीत केंद्र सरकार अथवा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मिल गया?


बहरहाल ऐसे आयोजनों से वैश्विक स्तर पर देश की संस्कृति का अभिन्न अंग योग को पहचान मिली है. समस्त देशवासियों के लिए यह गौरव का विषय है. इसी गौरवान्वित होते क्षण के बीच आज की बुलेटिन आपके समक्ष है, जो विशेष रूप से योग को समर्पित है.

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समस्त चित्र विभिन्न वेबसाइट से साभार लिए गए हैं.

4 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

वाह बहुत सुन्दर प्रस्तुति ।

Kavita Rawat ने कहा…

योग की महत्ता पर सार्थक चिंतन भरी बुलेटिन प्रस्तुति में मेरी ब्लॉग पोस्ट "वर्तमान परिदृश्य में योग की आवश्यकता" शामिल करने हेतु आभार!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बेहद शानदार बुलेटिन प्रस्तुति ... आभार राजा साहब |

Rajesh Kumar ने कहा…

Bahut hi uttam.vichar he egras

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