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बुधवार, 8 जून 2016

ब्लॉग बुलेटिन - चार विभूतियों की पुण्यतिथि

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।




आज से ठीक ७ साल पहले हिंदी साहित्य और रंग मंच को घोर कठोर आघात लगा था उससे वह आज तक सदमे में है ! आज ही के दिन हिंदी साहित्य और रंग मंच के ४ धुरंधर खिलाडी मौत के सामने हार गए थे !

ज्ञात हो कि ठीक ७ साल पहले आज ही के दिन एक सड़क दुर्घटना में मंच के लोकप्रिय कवि ओम प्रकाश आदित्य, नीरज पुरी और लाड सिंह गुज्जर का निधन हो गया था औरओम व्यास 'ओम' तथा ज्ञानी बैरागी गंभीर रूप से घायल हुए थे | सभी विदिशा से भोपाल एक इनोवा द्वारा म.प्र. संस्मृति विभाग द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में भाग ले कर वापस आ रहे थे |

दूसरी ओर जाने माने रंगकर्मी हबीब तनवीर का भी अचानक ही निधन हो गया | सभी कला प्रेमी सदमे में आ गए इन एक के बाद एक लगे झटको से ! कोई भी इन खबरों को पचा नहीं पा रहा था | पर होनी तो घट चुकी थी ! सिवाए शोक के कोई कर भी क्या सकता था ................................ सब ने इन महान कला सेवकों को अपनी अपनी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की |

आज इस दुखद घटना को घटे ७ साल हो गया है तब भी इन सब विभूतियों के खो जाने का गम एकदम ताज़ा है ...काश यह दिन ना आया करें ... |

( साभार - बुरा भला - ७ वीं बरसी पर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि )

हबीब तनवीर जी , आदित्य जी, नीरज पुरी जी, और लाड सिंह गुज्जर जी को हिन्दी ब्लॉग जगत और ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि |

अब चलते हैं आज की बुलेटिन की ओर....

लेखन में पैसा-वैसा कुछ है नहीं!

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निम्न मध्यम आय अर्थव्यस्था बनाम विकासशील अर्थव्यवस्था

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विश्व महासागर दिवस (08 जून) : महासागरों से है धरती का ये जीवन

बिन पिए ही रात बहकने लगी ...

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नदी और समंदर

ढूंढ रहा रह कोई सच................


आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे, तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

11 टिप्पणियाँ:

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

वाकई, अपूरणीय क्षति है ये...

Sushil Bakliwal ने कहा…

दुखद स्मृतियों की यादें पुन: तरोताजा हो गई...

Sushil Bakliwal ने कहा…

दुखद स्मृतियों की यादें पुन: तरोताजा हो गई...

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

श्रद्धांजलि ।

Neeraj Kumar Neer ने कहा…

आभार नदी और समंदर को शामिल करने के लिए

Digamber Naswa ने कहा…

मेरी विनम्र श्रद्धांजलि ...

Kavita Rawat ने कहा…

दु:खद स्मृतियां ..चारों विभूतियों की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि!
बुलेटिन में मेरी ब्लॉगपोस्ट शामिल करने हेतु बहुत आभार!


मनीष प्रताप ने कहा…

श्रद्धांजलि।

kavita verma ने कहा…

dukhad ..

डॉ. अपर्णा त्रिपाठी ने कहा…

We can never fill the space left by these four pillars of hindi literature. Thank you so much for including my post.

शिवम् मिश्रा ने कहा…

हबीब तनवीर जी , आदित्य जी, नीरज पुरी जी, और लाड सिंह गुज्जर जी को हमारी ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि |

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