Subscribe:

Ads 468x60px

रविवार, 8 मई 2016

ब्लॉग बुलेटिन की मदर्स डे स्पेशल बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम !
हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाए जाने की रवायत है ... यूँ तो हम भारतवासियों को माँ के प्रति अपना लगाव या सम्मान दिखाने के किसी खास दिन की कभी कोई जरूरत ही नहीं रही पर अब जब एक रवायत सी चल ही पड़ी है तो भला हम ही पीछे क्यों रहे ... है कि नहीं ???

लीजिये आज के दिन आप सब की नज़र है ... माँ को समर्पित निदा फ़जली साहब की एक रचना ...
 माँ 
बेसन की सौधी रोटी पर
खट्टी चटनी - जैसी माँ
याद आती है चौका - बासन
चिमटा , फुकनी - जैसी माँ ||

बान की खुर्री खाट के ऊपर
हर आहट पर कान धरे
आधी सोयी आधी जागी
थकी दोपहरी - जैसी माँ ||

चिडियों की चहकार में गूँजे
राधा - मोहन , अली - अली
मुर्गे की आवाज़ से खुलती
घर की कुण्डी - जैसी माँ ||

बीवी , बेटी , बहन , पडोसन
थोडी - थोडी सी सब में
दिन भर एक रस्सी के ऊपर
चलती नटनी - जैसी माँ ||

बाँट के अपना चहेरा , माथा
आँखे जाने कहाँ गई
फटे पुराने एक एल्बम में
चंचल लड़की - जैसी माँ ||

----- निदा फाजली .


सादर आपका 
=============================

मैथ‍िलीशरण गुप्त की नज़र से… मां ने सिखाया पाठ

माँ ! अशेष है वन्दन तेरा

कहते है तुम बगिया में अब भी उसी पेड़ के छाँव बैठी

बच्चा हो जाना चाहता हूँ .....

क्या इतना बुरा हूँ में माँ,तो.........

माँ

मां पर एक बुंदेली ग़ज़ल .... डॉ शरद सिंह

जरूरत से ज्यादा कब

माँ दिवस पर विशेष

है पढ़ना आवश्यक

माँ [कविता] - शकुंतला तरार

मातृ दिवस पर विशेष --- माँ का आभार

मातृत्‍व दिवस पर विशेष - मेरे अहसास - अन्‍यूता-अंकिता

मदर्स डे....यशोदा

माँ के लिये !

मेरी माँ 

कर्मठ महिलाएं 

हैप्पी मदर्स डे ... माँ 

636 - माँ पर कवितायें 

माँ का मतलब ही होता है 

मदर्स डे ?

=============================

अब आज्ञा दीजिये ...

वन्दे-मातरम्  !!

12 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति । सारी माँओं को नमन ।

yashoda Agrawal ने कहा…

नज़्म अच्छी पढ़वाई आपने...
आभार....
चयनित सभी लिंक्स बेहतरीन
कुछ तो पढ़ लिए
बाकी को लिए जा रही हूँ
सादर

sadhana vaid ने कहा…

मदर्स डे की सभी पाठकों, मित्रों, बंधु बांधवों को हार्दिक बधाई ! आज के मदर्स डे स्पेशल में मेरी प्रस्तुति को सम्मिलित करने के लिये आपका आभार शिवम जी !

parmeshwari choudhary ने कहा…

बड़ी अच्छी नज़्म है.आभार . अब लिंक्स की ओर....

Bharti Das ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुति ,माँ की ममता को नमन

Anil Dayama 'Ekla' ने कहा…

बहुत सुंदर प्रस्तुति।


"वो एक जहाँ है
हाँ उसका नाम माँ है।
🙏

सदा ने कहा…

Bhatreeeen nazm k saaath sbhi links avm prastuti anupam....
Aabhaaar

Asha Saxena ने कहा…

मदर्स दे पर हार्दिक शुभ कामनाएं |मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद |

Dr. Kumarendra Singh Sengar ने कहा…

स्तुत्य बुलेटिन.

अनेकानेक विदेशी आयोजनों में एक ये हैं जिसे मनाकर कोई भी गौरवान्वित हो सकता है. वैसे आपका कहना सही है कि भारतीय संस्कृति में माँ को आदर-सम्मान देने का कोई एक दिन निर्धारित नहीं है. माँ के आदर-सम्मान हेतु शब्दों का अकाल पड़ जाता है. ह्रदय की भावनाएं स्वतः उभरती हैं.
सुन्दर-सार्थक बुलेटिन के लिए आभार

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति ..
मदर्स डे की हार्दिक शुभ कामनाएं!

Barthwal ने कहा…

वाह सुंदर प्रस्तुति शिवम् जी ..... आभार मेरी रचना को शामिल करने हेतु ... शुभम

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार