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शुक्रवार, 13 मई 2016

हिंदी भाषी होने पर अभिमान कीजिये

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

क्या आप ने कभी गौर किया है कि हिंदी भाषी राज्यों में, दुकानों आदि के जितने भी बोर्ड दिखाई देते हैं, उनमें लिखे हुए पूरे बोर्ड में एक आधा शब्द तो अंग्रेजी का जरूर रहता है। जैसे:
संजय सर्विस स्टेशन
अजय मेडिकल स्टोर
विजय कॉपी सेंटर
जय बुक शॉप
संजना माॅल
बबलू हेयर कटिंग
शिवा बार एंड होटल
गणेश लॉज
ज्योति हॉस्पिटल आदि।
सिर्फ एक ही बोर्ड ऐसा नजर आया जो हमेशा पूर्ण हिंदी में ही लिखा हुआ होता है जिससे हिंदी भाषी होने का अभिमान महसूस किया जा सकता है एवं हमें भारतीय होने का गर्व महसूस होता है ...
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"ठेका देशी शराब"!


सादर आपका
शिवम् मिश्रा
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बनियो, पर छोटा चोर न बनियो

पीढ़ियों का टकराव।

रोते हुए जाते हैं सब , हँसता हुआ जो जायेगा ---

ऐसा भी धन किस काम का...?

गुरूजी के जन्मदिन पर

जाति है कि जाती नहीं

हाँ, वह अब जीना सीख गयी है |

बेतवा की जुबानी : ओरछा की कहानी (भाग-2)

उज्जयिनी का सिंहस्थ कुम्भ महापर्व

भारतीय फिल्‍मों के हास्‍य अभिनेता...

देश बड़ा या राजनीतिक मतभेद

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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

7 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

क्या बात है शिवम जी असली हिंदी का पता ठेका देशी शराब। क्या हिंदुस्तानी ढूढ कर लाये हैं :)

सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति ।

मुकेश पाण्डेय चन्दन ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन !
मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए आभार

मुकेश पाण्डेय चन्दन ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन !
मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए आभार

Anita ने कहा…

पठनीय पोस्ट्स से सजा बुलेटिन..आभार मुझे भी इसमें शामिल करने के लिए..

Kavita Rawat ने कहा…


"ठेका देशी शराब"! देशी ठर्रा
शुद्ध १०० फीसदी ...बहुत सटीक

बहुत सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति में मेरी ब्लॉग पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!

Asha Joglekar ने कहा…

असली हिंदी का बोर्ड (?) देसी शराब का ठेका।
किसी भी जिवंत भाषा में दूसरी भाषा के शब्द आ ही जाते हैं अक्सर ये शब्द जन साधारण बोलचाल की भाषा में प्रयोग करते और समझते भी हैं।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

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