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मंगलवार, 19 अप्रैल 2016

यात्रा




यात्रा रास्तों की होती है एक दिशा में 
यात्रा मन की होती है किसी और दिशा में 
यात्रा जीवन को रास्ते देते हैं 
यात्रा मन को निष्कर्ष और अनगिनत भावनाओं का स्रोत देते हैं 
यात्रा है जन्म 
एक यात्रा ही है मृत्यु  ... 
कुछ प्रत्यक्ष - कुछ अप्रत्यक्ष 



हत्यारे वक़्त का कोलाज़ 
___________
एक

बच्चे मासूम नहीं रहे 
बच्चे अब बच्चे नहीं रहे 
बच्चों का बच्चा बने रहना 
हमरे समय की 
सबसे बड़ी चुनौती है 

दो 

नदी रेगिस्तान है 
जल ज्वालामुखी 
प्रेम प्रलय 
और मैं ...?

तीन 

रचने से पहले मरना होगा 
मर-मर कर रचना होगा 
रचने के लिए 
मरना होगा बार-बार 

चार

चार्ली चैपलिन की मुस्कान मुझे 
सिर्फ गुदगुदाती नहीं 
हौसला देती है 
विषम हालात में लड़ने का 
बताती है तरीका 
दर्द को कला बनाने का 
जैसे आँसू बीच मुस्कान 

पांच

जब-जब क्रौंच वध हुआ 
पक्षी के साथ वाल्मीकि भी मरे 
कविता जन्मी 
उदय हुआ कवि का 
मृत्यु से उपजती है कविता



छोटी सी बात
कई बार
जब हो जाते हैं
हम
मैं और तू
छोटी छौटी बातों पर
कर देते हैं रिश्ते
कचरा कचरा
तर्क---वितर्क
तकरारें--
आरोप--प्रत्यारोप
छिड जाता है
महाँसंग्राम
अतीत की डोर से
कटने लगती है
भविश्य की पतंग
और खडा रह जाता है
वर्तमान
मौन, निशब्द
पसर जाता है
एक सन्नाटा
उस सन्नाटे मे
कराहते हैं
छटपटाते हैं
और दम तोड देते हैं
जीवन के मायने
ओह!
रह जाते हैं
इन छोटी- छोटी बातों मे
जीने से
जीवन के बडे बडे पल

4 टिप्पणियाँ:

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति
आभार!

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति ।

Asha Joglekar ने कहा…

सुंदर बुलेटिन के सुंदर सफे।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

यात्रा जारी है ...

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