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बुधवार, 4 नवंबर 2015

ब्लॉग बुलेटिन - भारत की 'मानव कंप्यूटर' ~ शकुन्तला देवी

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।

शकुन्तला देवी एक अजूबी गणतज्ञा थीं।  उनका जन्म 4 नवम्बर,  1929 ई. में बंगलौर ( भारत ) में हुआ था।उनके पिता सर्कस मे काम करते थे। उनमे जन्म से ही गणना करने में पारंगत हासिल थी। वह 3 वर्ष की आयु से ही पत्तों का खेल अपने पिता के साथ खेलतीं थी। 6 वर्ष कि आयु मे उन्होंने अपनी गणना करने कि व स्मरण शक्ति का प्रदर्शन मैसूर विश्वविद्यालय में किया था , जो कि उन्होने अन्नामलाइ विश्वविद्यालय में आठ वर्ष की  आयु में दोहराया था। उन्होने 101 अंको वाली संख्या का 23वाँ मूल 23 सेकण्ड मे ज्ञात कर लिया था। उन्होने 13 अंको वाली 2 संख्याओं का गुणनफल जल्दी बता दिया था। 

संगणक से तेज़ गणना करने के लिये शकुन्तला देवी का नाम ग़िनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड में भी दर्ज है।

अपनी अद्भूत गणितीय क्षमता व ज्योतिष ज्ञान की बदौलत पूरी दुनिया में चर्चित भारतीय गणितज्ञ शकुन्तला देवी का निधन 4 अप्रैल, 2013 हो गया। कुछ ही पलों में बड़ी से बड़ी संख्यात्मक गणना कर देने के विलक्षण गुण के कारण उन्हें 'मानव कंप्यूटर' के नाम से भी जाना जाता था।


आज शकुन्तला देवी जी की 86वीं जयन्ती पर हिन्दी ब्लॉग जगत और हमारी ब्लॉग बुलेटिन टीम उन्हें शत शत नमन करता है।  

अब चलते हैं आज की बुलेटिन की ओर..........












आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे, शुभरात्रि। सादर  … अभिनन्दन।।

4 टिप्पणियाँ:

Rushabh Shukla ने कहा…

सुन्दर लिंक ........... कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारें |

http://kahaniyadilse.blogspot.in/

http://meremankee.blogspot.in/

DrZakir Ali Rajnish ने कहा…

हर्षवर्धन भाईए बुलेटिन में 'साइंटिफिक वर्ल्ड' को शामिल करने का शुक्रिया।

Kavita Rawat ने कहा…

शकुन्तला देवी जी को नमन और उनके बारे में जानकारी प्रस्तुति हेतु आपका आभार ...
बढ़िया बुलेटिन लिंक प्रस्तुति हेतु धन्यवाद!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

स्व॰शकुन्तला देवी जी को सादर नमन|

आभार हर्ष भाई |

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