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सोमवार, 6 जुलाई 2015

मोनो लाइन की सुपर फास्ट बुलेटिन

शिमला भ्रमण के दौरान कार की खिड़की से खींची गयी फोटो
अब तो कमबख्त ये कहते हुए भी अरसा हो गया कि , लिखे पढ़े बहुत समय हो गया |जाने की शायद हम ब्लॉगर्स को खुद की ही नज़र लग गयी शायद , हालांकि हाल और हालात उतने बुरे नहीं हैं जितने की हम सब समझ रहे हैं , इत्तेफाकन ये वही दौर है जब यकायक ही लगता है मानो एक रिक्तता सी आ गयी हो , किन्तु सृष्टि का यही तो कमाल का नियम है की हर खाली को भरने के लिए भी कुछ न कुछ तो आ ही जाता है | इस बीच बहुत कुछ बदल रहा है और पुराने जहाँ मंथर हुए हैं वहीँ नए ब्लौगरों की एक पौध इतनी शिद्दत से ब्लॉग्गिंग को अमली जामा पहना रही है की सचमुच उनसे बहुत कुछ सीखा जाना चाहिए | बहुत समय बाद इस प्लेटफोर्म पर लौटा हूँ तो आज सिर्फ एक बानगी भर आपको सौंपता चलूँगा और कुछ बहुत बेहतरीन पोस्टों का सूत्र आपके हवाले करूँगा .......उम्मीद है आप निराश नहीं होंगे ....| इसी शुरुआत के साथ संयोगवश ब्लॉग लेखन में टूटी हुई निरंतरता शायद बन जाए , और काश की सचमुच ऐसा हो पाए ....

सबसे पहले आपकी मुलाक़ात एक ब्लॉग से करवाने का मन है ..नाम है दानापानी |
कल की ताज़ी ताज़ी पोस्ट पर विशेष रूप से नज़र चली गयी आखिर हो भी क्यों न , अपने ही गाँव कस्बे की बात करती हुई ये पोस्ट खुद मुझे अपने इस प्रखंड के बारे में ऐसी जानकारी दे रहा था जिससे मैं खुद अनजान था | थोड़ी देर ठिठक कर टटोला तो बहुत सारा मसाला मिला मसाला यानी हिंदी अंतरजाल को समृद्ध करने वाली बेहतरीन जानकारी से भरी पोस्टें | तो आप भी फुर्सत में पढ़िए और जानिये गाँव देहात के कोनो को | हाँ फटफटिया के तौर पर मैं आपको एक लाईना सूत्र देता हूँ ........

व्यापम की अतिकथा : भीतरे भीतर बहुत व्यथा


कॉपीराईट वाली मुस्कान : को आप ओ एल एक्स पर भी बेच सकते हैं

बातें बेवजह :अमां कुछ तो कह






 नदी मर रही हैं :खुद बयां कर रही है ....

तो आज के लिए इतना ही ........................अब इजाज़त दीजीए  ..............

5 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुंदर अजय जी ।
शिवम जी बताये हैं आज आप ले के आये हैं
उधर पढ़ के चिट्ठी उनकी हम दौड़ कर आये हैं
बहुत उम्दा सूत्रों के साथ बुलेटिन छपवाये हैं । :)

Asha Joglekar ने कहा…

अलग सेे सूत्रों से सजा बुलेटिन।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

वापसी पर स्वागत है अजय भाई ... :)

vandana gupta ने कहा…

सुन्दर

Aparna Sah ने कहा…

achhi buletin..

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बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

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