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मंगलवार, 1 अप्रैल 2014

अद्भुत रिश्ता



शिशु मैं' का प्रथम रुदन 
माँ के शिथिल 'मैं' में 
अद्भुत प्राण संचार करता है 
'मैं' की अबोध भूख 
माँ के 'मैं' के सीने से लगकर 
शांत हो जाती है 
और माँ का 'मैं' 
शिशु 'मैं' की भूख मिटाकर 
'मैं' का 'मैं' से अद्भुत रिश्ता 
गंगा,यमुना के मध्य सरस्वती सा बहता है !









और ये रहे आज के विशेष दिन के विशेष लिंक्स - जहाँ से शुरू होती है आज की सच्चाई :)



6 टिप्पणियाँ:

आशीष भाई ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति बुलेटिन द्वारा , रश्मि जी व बुलेटिन को धन्यवाद !
Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत सुंदर दिन अपना दिन :)

शिवम् मिश्रा ने कहा…

सच मे अद्भुत|

Tushar Raj Rastogi ने कहा…

bahut khoob - jai ho - murkh divas ki shubhkamnayen

ब्लॉग - चिठ्ठा ने कहा…

आपको ये बताते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि आपका ब्लॉग ब्लॉग - चिठ्ठा - "सर्वश्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉग्स और चिट्ठे" ( एलेक्सा रैंक के अनुसार / 31 मार्च, 2014 तक ) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएँ,,, सादर .... आभार।।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर और पठनीय सूत्र।

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बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

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