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बुधवार, 16 अप्रैल 2014

जन्म दिवस - सर चार्ली चैपलिन और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को सादर नमस्कार।।

सर चार्ली चैपलिन 

आज सर चार्ली चैपलिन जी का 125वां जन्म दिवस है। आज उनके जन्म दिवस के मौके पर हिन्दी ब्लॉग जगत और ब्लॉग बुलेटिन टीम उन्हें शत शत नमन करती है। सादर।।


अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर .......














आज कि बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे। शुभरात्रि।।

12 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुंदर बुलेटिन हर्ष । आभार 'उलूक' का भी 'लिख आ कहीं जा कर किसी पेड़ की छाल पर ये भी' को शामिल किया आपने :) ।

आशीष भाई ने कहा…

सर चार्ली चैपलिन जी के 125वां जन्म दिवस पर नमन व बुलेटिन को धन्यवाद , और बढ़िया प्रस्तुति हर्षवर्धन भाई !
Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

एक सच्चे कलाकार की यादों को यहाँ साझा करने के लिये बहुत बहुत शुक्रिया!!

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

इस पोस्ट के लिए हम आपका हृदय से आभार प्रकट करते हैं।

महादेव हर हर ,


नरेंद्र मोदी जी के जीवन के बारे में कुछ अनछुए पहलू

आज मोदी भाई घर घर।

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

भाषा की रवानी और गेयता लिखे की देखते बनती है किशोर वय से ही यह व्यसन पाले बैठे हैं ज़नाब। सुन्दर मनोहर पल्लवन कालानुक्रम में विकास की सीढ़ी आप चढ़ते ही जा रहे हैं।


मध्यमार्गी पथ असाध्य है

नरेंद्र मोदी जी के जीवन के बारे में कुछ अनछुए पहलू


इस अंक की विशेष रचनाएं रहीं .


इस अंक की विशेष रचनाएं रहीं :

सेतु चयन स्तरीय बना रहा।

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

भाषा के रवानी और गेयता लिखे की देखते भी बनती है किशोर व्यय से ही यह व्यसन पाले बैठे हैं ज़नाब। सुन्दर मनोहर पल्लवन कालानुक्रम में विकास की सीढ़ी आप चढ़ते ही जा रहे हैं।

मध्यमार्गी पथ असाध्य है

मध्यमार्गी पथ असाध्य है
आदर्शों के मरुथल में, जीवन कष्टों का छोर नहीं है,
भ्रष्टाचारी दलदल में आ बचा सके, कोई जोर नहीं है ।
इन दो विषम उपायों से जीवन-रजनी में भोर नहीं है,
मध्यमार्गी पथ असाध्य है, अनुभव-युक्त किशोर नहीं है ।।

अन्तः दीपक जला हुआ है,
राग द्वेष से घिरा हुआ है,
मानव क्या निष्कर्ष निकाले, नियत बुद्धि का ठौर नहीं है ।
मध्यमार्गी पथ असाध्य है, अनुभव-युक्त किशोर नहीं है ।।१।।

संस्कार की सतोपासना,
औ’ समाज की कुटिल वासना,
स्वयं निरन्तर संग्रामित, जीवन निश्चय की ओर नहीं है ।
मध्यमार्गी पथ असाध्य है, अनुभव-युक्त किशोर नहीं है ।।२।।

आदर्शों का ध्येय मिला है,
आत्मोन्नति का पंथ खुला है,
पर समाज में जीवन यह, कटु सम्बन्धों की डोर नहीं है ।
मध्यमार्गी पथ असाध्य है, अनुभव-युक्त किशोर नहीं है ।।३।।

(एक किशोर के रूप में लिखी यह कविता आज पुनः याद आ गयी, पता नहीं क्यों?)

Asha Saxena ने कहा…

एक कलाकार के जन्म दिन पर नमन |जीवन दर्शन कराती लिंक्स |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
आशा

sadhana vaid ने कहा…

सुंदर सार्थक सूत्रों का संकलन ! बढ़िया बुलेटिन !

SKT ने कहा…

आज के आम दिन को खास बनाने का शुक्रिया! एक बेजोड़ कलाकार को अपना भी नमन....

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बिना संवादों के बड़ी से बड़ी बात को केवल अपने अभिनय के दम पर दर्शक तक पहुँचा उनके दिलोदिमाग पर अपनी अमिट छाप छोडने वाले इस महान कलाकार को मेरा शत शत नमन |

बढ़िया बुलेटिन हर्ष बाबू |

Hindi ने कहा…

भाई! आपने इंडिया वाटर पोर्टल का लेख प्रसारित किया, इसके लिए हम आपके आभारी हैं।

P.N. Subramanian ने कहा…

ह्रदय से आभार

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