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रविवार, 5 जनवरी 2014

एक छोटा सा संवाद - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

आज आप को एक पति पत्नी के बीच का संवाद पढ़वाने जा रहा हूँ ... पर पहले ही बता दूँ जो यह संवाद आप को कुछ जाना पहचाना सा लगे तो मात्र संयोग ही होगा |
 
पत्नी: खाने में क्या बनाऊं?

 पति: कुछ भी बना लो, क्या बनाओगी?

 पत्नी: जो आप कहो?

 पति: दाल चावल बना लो।

 पत्नी: सुबह ही तो खाये थे।

 पति: तो रोटी सब्जी बना लो।

 पत्नी: बच्चे नहीं खायेंगे।

 पति: तो छोले पूरी बना लो।

 पत्नी: मुझे तली हुई चीज़ें भारी लगती हैं।

 पति: अंडे की भुर्जी बना लो।

 पत्नी: आज वीरवार है।

 पति: परांठे?

 पत्नी: रात को परांठे नहीं खाने चाहिए।

 पति: होटल से मंगवा लेते हैं।

 पत्नी: रोज-रोज बाहर का नहीं खाना चाहिए।

 पति: कढ़ी चावल?

 पत्नी: दही नहीं है।

 पति: इडली सांभर?

 पत्नी: समय लगेगा, पहले बोलना था।

 पति: एक काम करो मैग्गी बना लो।

 पत्नी: पेट नहीं भरता मैग्गी से।

 पति: तो फिर क्या बनाओगी?

 पत्नी: जो आप बोलो।

अब आप इस पर विचार करो ... मैं चला आज की बुलेटिन लगाने |

सादर आपका 
शिवम मिश्रा 
=======================

कभी जीवन में अपने कुछ दुखद से पल भी आते हैं

सरिता भाटिया at गुज़ारिश 

15 टिप्पणियाँ:

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर बुलेटिन...

shikha varshney ने कहा…

badhiya links hain .

संजय @ मो सम कौन... ने कहा…

बड़ी फ़रमाबर्दार बीबी मिली है भाई:)

expression ने कहा…

बढ़िया लिंक्स हैं......
:-) और घर पर खाना तुम्हारी पसंद का ही बनता होगा न???

सस्नेह
अनु

रश्मि प्रभा... ने कहा…

:)

Vivek Rastogi ने कहा…

धन्यवाद हमारी पोस्ट को जगह देने के लिये, अब रोज ही आने की कोशिश करेंगे

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत ही सुन्दर सूत्र संकलित किये हैं

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत समझदार वैसे ही होती हैं बीबियाँ ! ये और ज्यादा निकली :)

सुंदर बुलेटिन !

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत सुन्दर बुलेटिन...मेरी पोस्ट को जगह देने के लिये आभार

Vikesh Badola ने कहा…

शुभकामनाएं।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

Lalit Chahar ने कहा…

आपको ये जानकर अत्यधिक प्रसन्नता होगी की ब्लॉग जगत में एक नया ब्लॉग शुरू हुआ है। जिसका नाम It happens...(Lalit Chahar) है। जिसमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। सादर ..... आभार।।

वाणी गीत ने कहा…

चुटकुला नहीं , हकीकत है। पति को समझ लेना चाहिए कि आज खाना बाहर खाना है.

लिंक्स पढ़ कर बताते हैं :)

शारदा अरोरा ने कहा…

badhiya ..to fir aaj kya pakega ...jo aap kaho ....?

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

'आनंद की यादें' को ब्लॉग बुलेटिन में स्थान देने के लिए धन्यवाद।

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