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गुरुवार, 16 जनवरी 2014

मौसम है शायराना - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम |

आज मिज़ाज कुछ शायराना सा हो रहा है ... 

सोच रहा हूँ आप सब को कुछ बढ़िया सा सुना ही दूँ ...

हाँ तो जनाब अर्ज़ किया है कि ...
एक अजीब सी हालत हैं तेरे जाने के बाद;
भूख ही नहीं लगती खाना खाने के बाद;

मेरे पास ८ समोसे थे जो मैंने खा लिए;
४ तेरे आने से पहले ४ तेरे जाने के बाद;

नींद ही नहीं आती मुझे सोने के बाद;
नज़र कुछ नहीं आता आँखे बंद होने के बाद;

डॉक्टर से पूछा इसका इलाज़ दी ४ टैबलेट;
बोला खा लेना २ जागने से पहले २ सोने के बाद।

बताइएगा जरूर कैसी रही हमारी यह कोशिश ... आपका दिल बहलाने की !!

सादर आपका 

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भारत और रेल का जनरल डब्बा

Neeraj Dwivedi at Life is Just a Life 

13 टिप्पणियाँ:

Asha Saxena ने कहा…

सुप्रभात
ब्लॉग बुलेटिन पर अपनी रचना की लिंक देखी अच्छा लगा |मेरी रचना को शामिल करने के लिए धन्यवाद |

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर सूत्रों का संकलन।

Anupama Tripathi ने कहा…

लिंक्स बढ़िया हैं ....!!
आपकी कविता बहुत बढ़िया लगी शिवम ....एक गहरा कटाक्ष है आज की स्थिती पर ....!!लिखते रहें शुभकामनायें .

Bhawna Pandey ने कहा…

links badhiya hain n yes man khus hua :)

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

आभार शिवम भाई :-)

वाणी गीत ने कहा…

अच्छे लिंक्स !

Neeraj Dwivedi ने कहा…

Waah Bhai bahut achche links aapne diye, sabhi to nahi padh paya, din bhar padta rahunga. Bahut Bahut Abhar.

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

क्या जिंदगी थी
शादी से पहले
क्या जिंदगी हो गई
शादी हो जाने के बाद
हिसाब नहीं मिलता था
पहले भी कभी बटुऐ का
अब भी नहीं मिलता है
तेरे आ जाने के बाद :)

बहुत सुंदर था
कुछ मैने भी जोड़ दिया
बताइयेगा कैसा किया :)
और साथ में आभार दिया
उल्लूक का लिखना पढ़ना
भी जब शामिल दिखाई दिया !

smt. Ajit Gupta ने कहा…

टिप्‍पणी पढ़ लेना आँख मूंदने के बाद। बढिया है जी।

Rewa tibrewal ने कहा…

sundar links.....meri rachna ko shamil karne kay liye dhanyavad

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

***Punam*** ने कहा…

शुक्रिया आपने मेरी रचना को स्थान दिया यहाँ....!
साथ ही कई नए-पुराने लोगों से मिलने और उन्हें पढ़ने का मौका भी दिया...!
पुन: धन्यवाद...!

mridula pradhan ने कहा…

badi khushi hui.....mujhe bhi liye.sare links achche lage.

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