Subscribe:

Ads 468x60px

शनिवार, 14 सितंबर 2013

हिंदी को प्रणाम

प्रिये ब्लॉगर मित्रों,
आज हिंदी दिवस के उपलक्ष में एक छोटी से आशा आपको समर्पित कर रहा हूँ | उम्मीद है मेरी प्रार्थना पर आप सभी गौर करेंगे और इस आकांशा का सम्मान करेंगे |

हिंदी दिवस
-------------------------------
आता है साल में एक बार
कहते जिसे 'हिंदी दिवस'
क्यों इसे मनाने के लिए
हम सभी होते हैं विवश

हिन्द की बदकिस्मती
हिंदी यहाँ लाचार है
पाती कोई दूजी ज़बां
यहाँ प्यार बेशुमार है

काश! हिंदी भी यहाँ
बिंदी बनकर चमकती
सूर्य की भाँती दमकती
अँधेरे में ना सिसकती

आओ मिलकर लें अहद
हिंदी को आगे लायेंगे
अपनी मातृभाषा को हम
माता समझ अपनाएंगे

शर्म न आये किसी को
अब हिंदी के उपयोग में
मान अब सब मिल करें
हिंदी के सदुपयोग में

हाथ जोड़े करता वंदन
'निर्जन' हिंदी भाषा को
अर्जी है हम आगे बढ़ाएं
राष्ट्रभाषा, मातृभाषा को

सिर्फ एक दिन नहीं साल का हर दिन हिंदी दिवस के रूप में मनाएं | हिंदी को सर्वोच्च स्थान देने में सहायता करें | हिन्द में हिंदी की गरिमा बनायें रखें | अपनी मातृभाषा का सम्मान करें | उससे प्रेम करें | अत्यधिक प्रयोग में लायें | हिंदी भाषी बनें | हिंदी में लिखें पढ़ें अच्छा लगता है | सम्मानित और गौरवान्वित महसूस होता है | हिंदी जिंदाबाद | हिन्द जिंदाबाद | भारत माता की जय | जय हो मंगलमय हो |











आज की कड़ियाँ 

हिंदी दिवस तो हो गया ! - सुशील कुमार जोशी

हिंदी की समस्या - आशुतोष दूबे

कविता में भारतीयता की पहचान - मोहन श्रोत्रिय

हे माँ हिंदी भावभरी ! - तरुण

कहती हूं.....सुन लो तुम - रश्मि शर्मा

हुई कण्ठहार हिंदी !! - डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा

मातृभाषा का सम्मान करें - अनुपमा त्रिपाठी

चौदह सितम्बर-चौदह दोहे - डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

हिंदी दिवस (दोहावली) - सरिता भाटिया

हिन्दी इक डोर हुई - डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा

आओ हिंदी दिवस मनाएं - प्रतिभा मालिक

अब इजाज़त | आज के लिए बस यहीं तक | फिर मुलाक़ात होगी | आभार

जय श्री राम | हर हर महादेव शंभू | जय बजरंगबली महाराज 

12 टिप्पणियाँ:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन लिंकों की प्रस्तुति के लिये बधाई.तुसार जी !!

है जिसने हमको जन्म दिया,हम आज उसे क्या कहते है ,
क्या यही हमारा राष्र्ट वाद ,जिसका पथ दर्शन करते है
हे राष्ट्र स्वामिनी निराश्रिता,परिभाषा इसकी मत बदलो
हिन्दी है भारत माँ की भाषा,हिंदी को हिंदी रहने दो .....

RECENT POST : बिखरे स्वर.

Anupama Tripathi ने कहा…

Behtareen links ...........meri rachna ko sthan mila .....hriday se aabhar Tushar ji .

Dr. sandhya tiwari ने कहा…

........... हिंदी दिवस पर बधाई !

Darshan jangra ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन लिंकों की प्रस्तुति हिंदी दिवस पर बधाई !

पुष्पा चाहार ने कहा…

हिंदी दिवस के शुभ मौके पर हिंदी को एक ओर उपहार ---हिंदी तकनीकी दुनिया का शुभारंभ... कृपया पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें |

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर सूत्र, हिन्दी हम सबकी पहचान है और उसे खोने नहीं देंगे।

सरिता भाटिया ने कहा…

हिंदी को प्रणाम के साथ खुबसूरत शुरुआत
बढ़िया सूत्र संजोजन
मेरी दोहावली को स्थान देने के लिए शुक्रिया तुषार

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आभार...
सुप्रभात, आपका दिन मंगलमय हो...

Sushil Kumar Joshi ने कहा…

ब्लाग बुलेटिन कर रहा है
हिंदी को प्रणाम
मात्र भाषा का सम्मान है
हम सब का सम्मान
यज्ञ में देकर एक आहुति
सुरक्षित करेँ अपना और
अपने देश का आत्मसम्मान !

शिवम् मिश्रा ने कहा…

चिंता न करो तुषार भाई जब तक हम सब हिन्दी ब्लॉगर सक्रिय है हिन्दी हमेशा ही बिंदी बनकर चमकती और सूर्य की भाँती दमकती रहेगी
वो दिन कभी नहीं आएगा जब हिन्दी को अँधेरे में सिसकना पड़े !

जय हिन्दी ... जय हिन्द !!

ज्योति-कलश ने कहा…

हिंदी के प्रति समर्पित बहुत सराहनीय प्रयास आपका ...हिंदी हमारी "कण्ठहार " है और एक सूत्र में जोड़ने वाली डोर भी ...रचनाओं को स्थान देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद तथा हार्दिक शुभ कामनाओं के साथ ....
ज्योत्स्ना शर्मा

HARSHVARDHAN ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन तुषार भईया। वो दिन कभी नहीं आएगा, हिंदी को बस थोड़ी हमारी थोड़ी मदद की ज़रूरत है बस !!

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार