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गुरुवार, 5 सितंबर 2013

शिक्षक दिवस

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम !




यह संयोग भारत में ही संभव हो सकता था कि एक शिक्षक राष्ट्रपति बन जाए और एक राष्ट्रपति शिक्षक। 
बात हो रही है क्रमश: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (जिनका जन्मदिन आज शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की, जो राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद कई शिक्षण संस्थानों में अतिथि शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे है।


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शिक्षक दिवस पर मैं अपने सभी शिक्षकों
का पुण्य स्मरण करते हुए नमन करता हूँ |
भगवान् उन सब को दीर्घजीवी बनाये  ... ताकि वह सब ज्ञान का
प्रकाश दूर दूर तक पंहुचा सकें |


आज की कड़ियाँ 












अब इजाज़त | आज के लिए बस यहीं तक | फिर मुलाक़ात होगी | आभार

जय श्री राम | हर हर महादेव शंभू | जय बजरंगबली महाराज 

9 टिप्पणियाँ:

Darshan jangra ने कहा…

बहुत सुन्दर कड़ियाँ आभार

धर्म गुरुओं का अधर्म की ओर कदम ..... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः13

अनुपमा पाठक ने कहा…

यह संयोग भारत में ही संभव हो सकता था कि एक शिक्षक राष्ट्रपति बन जाए और एक राष्ट्रपति शिक्षक।
***
well said!

Tanuj Vyas ने कहा…

शुक्रिया!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

वाह सच मे यह संयोग भारत में ही संभव हो सकता था कि एक शिक्षक राष्ट्रपति बन जाए और एक राष्ट्रपति शिक्षक।

बेहद उम्दा बुलेटिन ... तुषार भाई !

Aziz Jaunpuri ने कहा…

बंदन भी अभिनन्दन भी

वसुंधरा पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर कड़ियों के साथ मेरे लिंक को भी सामिल करने के लिए आभार तुषार जी!
शिक्षक दिवस की अनंत शुभकामनाये !

krishan thukral ने कहा…

इस ब्लौग पर आनंदित होआ मन आकर
मैं भी अपना ब्लौग बनाना चाहता हूं. मुझे बताएं कि मैं इस में गजट को कैसे ऊपर नीचे कर सकता हूं जैसे मैं सब से ऊपर घड़ी तत्पश्चात मां भारती की तस्वीर फिर भारत का झंडा फिर अपनी नयी रचना मुझे ब्लौगिंग की अधिक तकनिकी जानकारी नहीं है। मेरा मार्गदर्शन करें मुझे सरल यानी स्टैप से समझआएं. आप सब रचनाकार... सूचना मुझे मेरी ईमेल k.thakur444@gmail.com पर दें.
krishan thukral.

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

सभी मित्रों का शुक्रिया जिन्होंने सराहना और टिप्पणियां भेजी हैं | इस बुलेटिन में मेरे साथ शिवम् भाई का भी योगदान है | दरअसल यूँ कहें तो ज्यादा बेहतर होगा के शिवम् भाई के बनाये बुलेटिन में मेरा योगदान केवल कड़ियों का रहा है | तो श्रेय बड़के भैया के नाम चूंकि पूरा प्रस्तावना उन्ही का बनाया हुआ है | जय हो

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सबको शुभकामनायें..

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