Subscribe:

Ads 468x60px

शनिवार, 25 मई 2013

किसकी सज़ा है ?

आदरणीय मित्रों,
सादर प्रणाम,

एक नई कविता आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहा हूँ | आशा  करता हूँ आपकी सराहना प्राप्त होगी |

ऐ वादियों
मैं तुम से पूछता हूँ
झरनों में भी देखता हूँ
ये नयन न जाने
किसे खोजते हैं
किसकी सज़ा है
ये किसकी सज़ा है
प्रभाकर जब आएगा
चमक उठेगा मन
डोल उठेगी आत्मा
पर्वतों पर कूदती
झरनों को लूटती
रौशनी समेटे
तब
दूंगा अंधियारे को सज़ा
किसकी सज़ा है
ये किसकी सज़ा है

-----------------------------------
आज की बुलेटिन
-----------------------------------

इंडियन इंडिपेंडेस लीग के जनक : रासबिहारी बोस - शिवम् मिश्रा

तेरा चाहने वाला - मधु सिंह

बेटी का जन्म :हाइकू - राजेंद्र कुमार

सूफ़ी - ताबिश 'शोह्दाह' जावेद

अपना कर्त्तव्य - मुकेश पंजियार

जिससे बिछड़ना था मैं उसी के शहर में था - राज कानपुरी

पिंजरें में कैद पंछी - कमलेश भट्ट कमल

माँ - आनंद विक्रम त्रिपाठी

मेरी किताब रूठ गई - श्रीराम रॉय

तुम मुझसे मिलने आ जाओ - दीपक चौबे

अमर कर दूँ तुझे कुछ इस तरह मैं - सौरभ शेखर

मैं तनहा नहीं हूँ - हेमंत कुमार दुबे

उम्मीद  है आज का बुलेटिन पसंद आएगा । धन्यवाद्
तुषार राज रस्तोगी 

जय बजरंगबली महाराज | हर हर महादेव शंभू  | जय श्री राम 

11 टिप्पणियाँ:

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बेहद सार्थक कविता और उम्दा लिंक्स, आभार.

रामराम.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

सार्थक कविता है। लिंक्स देखता हूँ..

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही सार्थक कविता के साथ पठनीय लिंक्स.

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

bahut acchhi hai prastuti........badhiya links ....

शिवम् मिश्रा ने कहा…

वाह तुषार भाई ... बेहद उम्दा रचना ... और बढ़िया लिंक्स ... इतने दिनों की कमी पूरी कर दी आपने !

अरुणा ने कहा…

बेहद अच्छी कविता उम्दा लिंक्स.......

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

शुक्रिया साहिबान कद्रदान | आप सभी मेहरबानो का तहेदिल से आभार |

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत बेहतरीन सुंदर रचना,,,के साथ पठनीय लिंक्स ,,,

RECENT POST : बेटियाँ,

Aziz Jaunpuri ने कहा…

bahut sundar links,behatareen sanyojan

Sriram Roy ने कहा…

ये नयन न जाने
किसे खोजते हैं..........बहुत सुन्दर ....दिल बाग़ -बाग़ हो गया सुन्दर लिंक्स देखकर ....

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रोचक और सुन्दर सूत्र..

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार