Subscribe:

Ads 468x60px

गुरुवार, 7 फ़रवरी 2013

आप सब का साथ बनाए हमारे दिन को खास - ब्लॉग बुलेटिन

मित्रों, हमारी सामाजिक पहचान में हिन्दी ब्लागिंग का एक महत्त्वपूर्ण स्थान है... दूर दूर बैठे हुए हम लोग लेकिन ब्लाग के माध्यम से हम एक दूसरे से जुडे हुए हैं... आज अपनें जन्मदिन पर एक बात कहते हुए मुझे गर्व होता है कि आज मुझे कोई सात आठ साल हो गये हिन्दी ब्लागिंग में, पहले बक बक करते थे... फ़िर हमारी बक बक में कुछ स्वर और जुडे... आज तो पूरा कुनबा बन गया भाई....  इस ब्लागिंग से एक नई पहचान मिली और एक नया तेवर भी मिला। अब तो गर्व से कहिए कि हम ब्लागर हैं। 

जब मैनें ब्लाग यात्रा शुरु की थी, उस समय यूनिकोड में लिखनें के लिए भी बडे ताम-झाम करनें पडते थे... बाद में इंडिक टूल्स आ गये और हिन्दी लिखना आसान हो गया। ब्लागर के साथ साथ वर्ड-प्रेस एक बडी ताकत बन कर उभरा और आज तो शायद अधिकतर ब्लाग वर्ड-प्रेस पर ही हैं। ब्लागिंग आज एक बहुत बडी शक्ति बन गया है, माईक्रो ब्लागिंग और फ़ेस-बुक का सार्थक प्रयोग भी सार्थक बन पडा है।  आज कल कुछ व्यस्तताएं हैं जिनके कारण ब्लागिंग में अनियमितता है लेकिन समय समय पर आते रहेंगे और ब्लागिंग से हमेशा जुडे रहेंगे.... आज कल हम अपनें पुत्र आदित्य की सेवा में लगे हैं... और उसकी बाललीला का पूरा आनन्द ले रहे हैं। 

(आज कल हम आदि बाबा की सेवा में तत्पर हैं)

वैसे आज के दिन की एक और विषेशता है..... आज सात फ़रवरी के दिन... देव बाबा के जन्मदिन के साथ साथ हमारे शिवम भईया की वैवाहिक वर्षगांठ भी है.... वैसे अपनें शिवम भईया तो अपनी प्रतिक्रिया में कुछ यूं आए... 

रहिमन ब्याह बियाधि है, सकहु तो जाहु बचाय! पायन बेड़ी परत है, ढोल बजाय बजाय!!

अब भाई हास्य व्यंग्य और विनोद तो शिवम भाई का स्वभाव है और पूरे बुलेटिन परिवार की तरफ़ से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं। आशा है आप नित नई बुलंदियों को छुए और हिन्दी ब्लागिंग की और सेवा करते रहें।  


----------------------------------
चलिए आज के बुलेटिन की ओर बढा जाए.... 
----------------------------------

स्त्री

रश्मि प्रभा... at वटवृक्ष 
माँ है,बहन है,अर्द्धांगिनी है फिर भी ..........प्रश्न क्यूँ है हत्या क्यूँ है हादसे क्यूँ हैं !!! ** * **रश्मि प्रभा * ============================================================
क्या समझा है जमाना उसे किसी ने समझा भोग्या उसे किसी ने जरुरत की वस्तु मात्र जरूरतों की भेंट चढ़ते प्रतिपल सीने में दबे उसके हरेक जज़्बात तलाशती निगाहें उसकी हर बार होती लहुलुहान टकराके लगातार कंक्रीट सी प्रथाओ व् कुरितियो से और जख्म उसकी रूह के रिसते नासूर बन पीड़ा उसकी कराहती कर पीड़ा को उसकी अनदेखा हर कोई कुचलने को आतुर घाव लेकिन इतने पर भी कहाँ घबराई फिर संभल कर हरी दूब सी अचल सबल खड़ी ... more »


----------------------------------

वक्‍़त की धूप में ... !!!

सदा at SADA 
कभी अपनी जिद को खबर करना मेरी जिद की कुछ तसल्‍ली हो जाएगी उसको कोई तो उस जैसा है .... पलकों के साये में जब भी अश्‍कों को पनाह मिली, मत पूछ मुहब्‍बत कितना तड़पी यूँ बूँद - बूँद बहते हुये ... प्‍यास जागती है बड़ी ही शिद्दत से हर रिश्‍ते में कभी वक्‍़त की धूप में जैसे छांव मिले चलते-चलते ......


----------------------------------

मन रोता सत्य देखने को आज

मन रोता सत्य देखने को आज चारों ओर झूठे बड़बोलों का राज छा रहा हर मन में घनघोर अन्धेरा आज ह्रदय तड़पता प्रेम की आस में आज अहम् इर्ष्या का नंगा नाच हो रहा इंसान इंसान का दुश्मन हो गया आज संबंधों में पड़ गयी दरार भाई भाई की ले रहा जान दोस्त बन गया सबसे बड़ा दुश्मन आज स्वार्थी हो गया संसार साज़ बाज़ रहे बिना सुर के आज कैसा आया यह काल प्रभु आज कैसा आया यह काल प्रभु .... 

----------------------------------

लद्दाख यात्रा- सिन्धु दर्शन व चिलिंग को प्रस्थान

नीरज कुमार ‘जाट’ at मुसाफिर हूँ यारों 
इस यात्रा वृत्तान्त को शुरू से पढने के लिये यहां क्लिक करें। नाश्ता करके सिन्धु घाट की तरफ चल पडा। थोडा आगे चोगलमसर है। लेह से चोगलमसर करीब आठ किलोमीटर है। लेकिन इस पूरी दूरी में अच्छी खासी बसावट है जिससे चोगलमसर लेह का ही हिस्सा लगता है। चोगलमसर के बाद आबादी खत्म हो जाती है। सिन्धु नदी- मानसरोवर से शुरू होकर कराची में खत्म होने से पहले यह तीन देशों- चीन, भारत व पाकिस्तान में बहती है। पंजाब की पांच नदियों में यह प्रमुख है लेकिन लद्दाख की भी यह प्रमुख नदी है। मुम्बई के एक मित्र का आग्रह है कि मैं उनके लिये सिन्धु जल लेकर आऊं। वे भारत की सात नदियों के जल का संग्रह करना चाहते हैं जिनमें... more »

----------------------------------

Why India is not safe for solo women...

स्वप्न मञ्जूषा at काव्य मंजूषा 
सबसे पहले आप ऊपर वाला विडिओ देखिये ये घटना हिन्दुस्तान में एक हिन्दुस्तानी महिला के साथ हुई है


----------------------------------

एयर शो एयरो इंडिया 2013 बेंगलुरू में शुरु.

Kusum Thakur at आर्यावर्त 
एशिया का सबसे बड़ा एयर शो ‘एयरो इंडिया 2013’ बुधवार को बेंगलुरू के येलेहंका वायुसेना अड्डे पर शुरू हुआ. रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने इसका उद्घाटन करते हुए घरेलू स्तर पर रक्षा उद्योग का आधार बढाने तथा आत्मनिर्भरता पर जोर दिया. इसके साथ ही उन्होंने विदेशी एयरोस्पेस कंपनियों को भी भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने को प्रोत्साहित किया. हर दो साल में होने वाले पांच दिवसीय इस मेले की शुरआत भले ही विमानों की शानदार उड़ानों के साथ शानदार रही लेकिन कुछ लड़ाकू विमान इस बार नहीं दिखा इसका प्रदर्शनी पर असर दिखा और इसे वैश्विक रक्षा उद्योग के बदलते मूड का संकेत भी माना जा रहा है. पिछली बार क... more »

----------------------------------

बीस साल बाद क्या होगा ?

वृजेश सिंह at बसंत के बिखरे पत्ते 
क्या पता कि बीस साल बाद क्या होगा ? मेरी जिंदगी में क्या बदलाव आएंगे ? समाज में कौन-कौन से बदलाव आएंगे ? इस बारे में सिर्फ कयास लगाए जा सकते हैं। वर्तमान में परिवर्तन की रफ़्तार इतनी तेज है कि आगे के पांच-दस सालों के बारे में भी सोचना कठिन सा लगता है। स्कूल में बच्चों के साथ संवाद करते हुए, उनके जीवन में आने वाले बदलावों के बारे में बात करने के लिए निबंध का विषय चुना गया कि *" बीस साल बाद क्या होगा ?" *इस विषय पर सारे लोग अपने मन की बात लिखेंगे। लिखने के प्रति उनकी दिलचस्पी बनाए रखने के लिए मैनें भी पेपर पर अपने मन की बात लिखी। जिसकी शुरुआत कविता की शक्ल में कुछ यों होती है क्या... more »


----------------------------------

सांसें तेरे नाम की.....

रश्मि शर्मा at रूप-अरूप 
जिंदगी मेरी सांसें तेरे नाम की मेरा होना तेरे होने से ही होता है पूरा कि आ भी जाओ रूह को तसल्‍ली मि‍ले मेरी आहों ने चूमा है बारहा नि‍शान उन पांवों के जो मि‍लकर धूल से इस माथे का टीका बने एक हंसी खि‍ली थी चांदनी रात में अब तो चांद भी मुरझाया सा है........ तस्‍वीर--साभार गूगल


----------------------------------

किरचे तेरी यादो के.....

* * *किरचे तेरी यादो के संभाले थे अब भी * *दो को जोड़ दिया है * *एक अभी जोड़ रहा हूँ .....* *कुछ बाकि पड़े है अभी.....* * * *किरचे तेरे ख्वाबों के जो सजाये थे तूने कभी * *अपनी हँसती आँखों में* *तीन ही तो थे ........* *एक तुम अपने साथ ले गई * *आजीवन साथ - साथ रहने के .......* *एक क्या था कभी बताया भी तो नहीं.........* *जब भी पूछता हूँ तो टाल दिया करती थी...* *एक देखो मैंने पूरा करके सजा दिया है..........* * * *किरचे हमारे अरमानों के जो शीशे से भी नाजुक थे* *तुम्हारे जाते ही **कुछ टूट गए थे.....* *कुछ संभाल लिए थे वक्त रहते ही......* *उन्हें भी तो ठीक करना है...* *उनमे तुम जो बसी हो...* *उन्... more »


----------------------------------

दंगामुक्त भारत के निर्माण

रणधीर सिंह सुमन at लो क सं घ र्ष ! 
*हमारे देश में जहां एक ओर दक्षिणपंथी हिन्दुत्ववादी शक्तियों की गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हो रही है वहीं दूसरी ओर सरकार लगभग लकवाग्रस्त है और इन शक्तियों के खिलाफ कोई निर्णायक कदम उठाने में असमर्थ प्रतीत हो रही है। ऐसी स्थिति में हम बिना किसी संदेह के यह कह सकते हैं कि भारत में साम्प्रदायिकता और साम्प्रदायिक राजनीति का बोलबाला अभी बना रहेगा। भारत में साम्प्रदायिक ताकतों की शक्ति में दिन ब दिन वृद्धि हो रही है। *गुजरात के भयावह दंगों के बाद साम्प्रदायिक हिंसा में जो कमी परिलक्षित हो रही थी वह भी अब दिखलाई नहीं देती। साम्प्रदायिक दंगे फिर से होने लगे हैं और इनका स्वरूप राष्ट्रव... more »


----------------------------------

राग चारुकेशी - एक चर्चा संज्ञा टंडन के साथ

noreply@blogger.com (Sajeev Sarathie) at रेडियो प्लेबैक इंडिया 
प्लेबैक इंडिया ब्रोडकास्ट राग चारुकेशी स्वर एवं प्रस्तुति : संज्ञा टंडन स्क्रिप्ट - कृष्णमोहन मिश्र


----------------------------------
आज के दिन की खास पोस्ट :-

7 फरवरी वर्षगांठ और वैवाहिक वर्षगांठ सब एक साथ

शिवम् मिश्रा at बुरा भला
आज 7 फरवरी है ... एक खास दिन ... कुछ खास लोगो के लिए, जिन मे से एक साहब तो अपनी वर्षगांठ मना रहे है और एक और साहब एक 'मेमसाब' अपनी अपनी वैवाहिक वर्षगांठ मना रहे है ... तो फटाफट अपनी अपनी बधाइयाँ और शुभकामनाओं की बारिश कर दीजिये ... पहले बात वर्षगांठ की ... आज हमारे प्रिय छोटे भाई देव कुमार झा जी का जन्मदिन है ... इन ही के शब्दों मे, "आज कल हम अपनें पुत्र आदित्य की सेवा में लगे हैं... और उसकी बाललीला का पूरा आनन्द ले रहे हैं।" सबूत के तौर पर यह चित्र देखिये ... (आज कल देव बाबू आदि बाबा की सेवा में तत्पर हैं) अब बात करते है वैवाहिक वर्षगांठ की ... दूसरी ओर दूर विदेश मे बैठी 'मेमसाब' य... more »
====================
सो मित्रों आशा है कि हम सब के इस खास दिन पर आप सब का आशीर्वाद और स्नेह हमें जरूर मिलेगा ...  अगली मुलाक़ात तक के लिए देव बाबा को इज़ाजत दीजिए
जय हिन्द  
देव

9 टिप्पणियाँ:

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

वाह क्या फ़ुर्सत से लिखते हैं आप यह पन्ना

स्वप्न मञ्जूषा ने कहा…

aapka bahut dhanywaad, meri post ko shamil kiya.
aabhaar !!

Reena Maurya ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई...
शुभकामनाएँ....
धन्यवाद....
:-)

रश्मि शर्मा ने कहा…

जन्‍मदि‍न की बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएं....आज तो रोज डे भी है...इसलि‍ए उसकी भी बधाई स्‍वीकारें.....अच्‍छा बुलेटि‍न सजाया है आपने...मेरी रचना शामि‍ल करने का आभार..

शिवम् मिश्रा ने कहा…

जय हो देव बाबू ... बेहद उम्दा अंदाज़ से मनाए ७ फरवरी ... मान गए भाई आपको ... देरी के लिए माफ कीजिएगा !

सभी को हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !

आप सभी की शुभकामनाओं के लिए हार्दिक धन्यवाद !

sangya tandon ने कहा…

सुंदर लिक्‍स के साथ बेहतरीन प्रस्‍तुति। मुझे शामि‍ल करने के लि‍ये धन्‍यवाद।

Parul kanani ने कहा…

der aaye durust aaye...aapka prayas sarahaniy hai!

वृजेश सिंह ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति। रचना को पसंद करने और प्रकाशित करने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। आभार।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

हार्दिक बधाइयाँ!

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार