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मंगलवार, 29 जनवरी 2013

बीटिंग द रिट्रीट ऑन ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम !


आज दिल्ली के विजय चौक पर हुये 'बीटिंग द रिट्रीट' के साथ ही इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो गया !
बीटिंग द रिट्रीट गणतंत्र दिवस समारोह की समाप्ति का सूचक है। इस कार्यक्रम में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। यह सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस के पश्चात हर वर्ष 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। समारोह का स्थल रायसीना हिल्स और बगल का चौकोर स्थल (विजय चौक) होता है जो की राजपथ के अंत में राष्ट्रपति भवन के उत्तर और दक्षिण ब्लॉक द्वारा घिरे हुए हैं। बीटिंग द रिट्रीट गणतंत्र दिवस आयोजनों का आधिकारिक रूप से समापन घोषित करता है। सभी महत्‍वपूर्ण सरकारी भवनों को 26 जनवरी से 29 जनवरी के बीच रोशनी से सुंदरता पूर्वक सजाया जाता है। हर वर्ष 29 जनवरी की शाम को अर्थात गणतंत्र दिवस के बाद अर्थात गणतंत्र की तीसरे दिन बीटिंग द रिट्रीट आयोजन किया जाता है। यह आयोजन तीन सेनाओं के एक साथ मिलकर सामूहिक बैंड वादन से आरंभ होता है जो लोकप्रिय मार्चिंग धुनें बजाते हैं। ड्रमर भी एकल प्रदर्शन (जिसे ड्रमर्स कॉल कहते हैं) करते हैं। ड्रमर्स द्वारा एबाइडिड विद मी (यह महात्मा गाँधी की प्रिय धुनों में से एक कहीं जाती है) बजाई जाती है और ट्युबुलर घंटियों द्वारा चाइम्‍स बजाई जाती हैं, जो काफ़ी दूरी पर रखी होती हैं और इससे एक मनमोहक दृश्‍य बनता है। इसके बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है, जब बैंड मास्‍टर राष्‍ट्रपति के समीप जाते हैं और बैंड वापिस ले जाने की अनुमति मांगते हैं। तब सूचित किया जाता है कि समापन समारोह पूरा हो गया है। बैंड मार्च वापस जाते समय लोकप्रिय धुन सारे जहाँ से अच्‍छा बजाते हैं। ठीक शाम 6 बजे बगलर्स रिट्रीट की धुन बजाते हैं और राष्‍ट्रीय ध्‍वज को उतार लिया जाता हैं तथा राष्‍ट्रगान गाया जाता है और इस प्रकार गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक समापन होता हैं।
वर्ष 1950 में भारत के गणतंत्र बनने के बाद बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम को अब तक दो बार रद्द करना पड़ा है, 27 जनवरी 2009 को वेंकटरमन का लंबी बीमारी के बाद आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में निधन हो जाने के कारण बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। वह देश के आठवें राष्ट्रपति थे और उनका कार्यकाल 1987 से 1992 तक रहा। इससे पहले 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आए भूकंप के कारण बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था।

आज शाम को हुये इस कार्यक्रम को नीचे दिये वीडियो पर देख सकते है ... यह वीडियो दूरदर्शन के यू ट्यूब चैनल से लिया गया है ... इस साल दूरदर्शन ने यू ट्यूब पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया था !



आइये अब आपको ले चलता हूँ आज की बुलेटिन की ओर ...

सादर आपका

शिवम मिश्रा

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दिखाए वक्त ने यहाँ मंजर कैसे-कैसे ...!!! दामिनी

दिल्ली के चर्चित घृणित एवं वीभत्स कांड से सबक लेना चाहिए

अंग्रेज़ों का आगमन

प्रार्थना

नाबालिग

एक जानकारी गौरेया के बारे में।

तेरे आने से

मेरी माँ ने कहा है

कार्टून कुछ बोलता है - पड़ोसी मेहरबान तो ....

उलझे रिश्तों को सुलझाने का जज़्बा!

एक स्वर होने का आह्वान ... (7)

लागी छूटे न

'बीटिंग द रिट्रीट'

बोलती कहानियाँ: अपनों ने लूटा - डा. अमर कुमार

कौन सा भारत,किसका भारत?

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 जय हिन्द !!!

जय हिन्द की सेना !!!

18 टिप्पणियाँ:

shikha varshney ने कहा…

बढ़िया जानकारी बढ़िया सूत्र .जय हिंद.

रणधीर सिंह सुमन ने कहा…

nice

HARSHVARDHAN ने कहा…

आज की बुलेटिन बढ़िया लगी,इसके लिए शिवम् सर और पूरे ब्लॉग बुलेटिन टीम को धन्यवाद।

मेरी नई पोस्ट "एक जानकारी गौरेया के बारे में।" को आज की बुलेटिन में शामिल करने के लिए बहुत - बहुत धन्यवाद।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

संतुलित बुलेटिन विस्तृत धरती से लिंक्स

Arvind Mishra ने कहा…

बीटिंग रिट्रीट पर अच्छी जानकारी -आभार

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर...

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

अच्छी जानकारी, संतुलित वर्णन और सुन्दर लिंक्स!! यही खूबी है इस ब्लॉग बुलेटिन की!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर जानकारी और पठनीय सूत्र..

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

इस बढ़िया ब्लॉग बुलेटिन के लिए आभार शिवम् जि !

Sadhana Vaid ने कहा…

विदेश में बैठ कर आपके सौजन्य से बीटिंग द रिट्रीट का कार्यक्रम देखने का सौभाग्य मिल गया ! अपने देश के सैनिकों को देख कर मन अभिमान से भर उठता है ! इतनी सुन्दर प्रस्तुति के लिए आपका बहुत-बहुत आभार शिवम् जी !

शिवम् मिश्रा ने कहा…

@Sadhana Vaid

प्रणाम दीदी ,
आपका इतना कहना ही इस बुलेटिन को सार्थक करता है ... आभार ... ऐसे ही स्नेह बनाएँ रहे !
सादर

Vibha Rani Shrivastava ने कहा…

कल शाम टीवी पर प्रोग्राम देखते समय ही सोच रही थी की अगर आपकी पोस्ट होगी तो शुरुआत इसी से होगी .... सच .... आप बेमिसाल हैं .... :))
जय हिन्द !!!!
जय हिन्द की सेना !!!!

Reena Maurya ने कहा…

बढ़ियाँ लिंक्स
आभार..

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

अजय कुमार झा ने कहा…

बुलेटिन की प्रस्तावना को जितनी सार्थकता आप देते हैं शिवम भाई उतनी हम नहीं कर सकते । सभी लिंक्स के साथ ये पन्ना भी सहेजनीय हो गया है

Neelima ने कहा…

बढ़िया सूत्र ............मेरी पोस्ट "प्रार्थना" को आज की बुलेटिन में शामिल करने के लिए बहुत - बहुत धन्यवाद।

Padm Singh ने कहा…

अच्छी जानकारी ले कर आए ... बहुत बहुत धन्यवाद...

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

जय हिन्द!

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