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सोमवार, 26 नवंबर 2012

एक लौ इस तरह क्यूँ बुझी ... मेरे मौला - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम !

४ साल पहले आज ही के दिन मुंबई घायल हुई थी ... वो घाव आज भी पूरी तरह नहीं भरे है ... 



केवल सैनिक ही नहीं ... हर एक इंसान जिस ने उस दिन ... 'शैतान' का सामना किया था ... नमन उन सब को !
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घर के कुछ काम तो ऑफिस में करने दीजिये ---

बस मूक हूँ .............पीड़ा का दिग्दर्शन करके

रूह से रूह का रिश्‍ता ...!!!

मुझे गणित नहीं आती

किताबों की दुनिया-76

टेंशन ...

"सक़ीना"

26/11/2008 के हुतात्माओं को श्रद्धांजलि

माँ - बेटी

मधुशाला ...भाग --- 8

{ २१६ } कहाँ खो गया मेरा आशियाँ

26/11 की चौथी बरसी पर शहीदों को नमन

एक सम्मन नक्षत्रों का .....

आम आदमी को टोपी पहना दी

अरुंधती राय : केजरीवाल के खुलासे

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 जाते जाते एक वीडियो आप सब की नज़र है ...

एक लौ इस तरह क्यूँ बुझी ... मेरे मौला ...

जय हिन्द !!!

10 टिप्पणियाँ:

रविकर ने कहा…

NICE

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सभी वीरों को नमन..

उदय - uday ने कहा…

jay hind ...

जयदीप शेखर ने कहा…

मैं नहीं जानता कि हमारे मुल्क़ पर अक्सर होने वाले आतंकवादी हमलों के पीछे वजह क्या है? क्या वाकई बौद्ध एवं जैन धर्मों ने हमारे देश को हद से ज्यादा उदार देश बना दिया है? क्या कारण है कि गाँधीजी को व्यापक जनसमर्थन मिलता है; जबकि नेताजी जब फौज लेकर अँग्रेजों से युद्ध कर रहे थे, तब नेताजी के समर्थन में देश में कोई बग़ावत नहीं होती है? क्या देश की आम जनता व राजनेता- दोनों- भीरू हो गये हैं?
***
अरविन्द केजरीवाल और भाजपा समर्थकों के बीच का मनमुटाव नेट पर अक्सर दीखता है. दो-एक वर्षों में ही साबित हो जायेगा कि कौन कितने पानी में है. मुझे लगता है- भाजपा "उदारीकरण" की समर्थक है, तो केजरीवाल भी कोई "समाजवाद" के समर्थक नहीं है- इस प्रकार, आर्थिक नीतियों में आमूल-चूल परिवर्तन लाना दोनों के बस की बात नहीं है.
हमें एक "क्रान्तिकारी" राष्ट्रनायक (स्टेट्समैन) की जरुरत है, जो लगभग डिक्टेटर के समान कम-से-कम दस वर्षों तक देश का नेतृत्व करे- चीन-अमेरीका-बहुराष्ट्रीय कम्पनियों-विश्व बैंक- इत्यादि की परवाह न करते हुए.
***
मैं खुद को कविताओं पर टिप्पणी करने योग्य नहीं समझता.
हाँ तेजाब से लड़कियों को जलाये जाने वाली कविता की बात अलग है. मैं बता दूँ कि मैंने जीवनसाथी के रुप में तेजाब की शिकार अंशु सक्सेना (मेरठ) को अपनाया है- आज हमदोनों बिलकुल खुश है- हमारा 15 साल का बेटा है. यह जिक्र इसलिए कि किसी युवा को प्रेरणा मिल सके. (http://jaydeepshekhar.blogspot.in/2012/02/blog-post_14.html)
***
मेरा एक आलेख शामिल करने के लिए धन्यवाद.
ईति.

मनोज पटेल ने कहा…

आपका आभार शिवम् जी!

सदा ने कहा…

केवल सैनिक ही नहीं ... हर एक इंसान जिस ने उस दिन ... 'शैतान' का सामना किया था ... नमन उन सब को !
आभार सहित

सादर

रचना ने कहा…

mera naman maere desh kae har saenik ko

वन्दना ने कहा…

शहीदों को नमन है।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सबका बहुत बहुत आभार !

HARSHVARDHAN SRIVASTAV ने कहा…

26/11 के शहीदों को शत - शत नमन ।

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