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रविवार, 26 अगस्त 2012

पुलिसिया लट्ठबाज़ी.. हंगल साहब और क्रिकेट.. ब्लॉग बुलेटिन

मित्रों, आज कल बडी शोर मची हुई है, हर कोई शोर मचाए हुए है..  केज़रीवाल साहब राजनीतिक दल बनानें की ठान चुके हैं और अपनें बन्दो को ले के पक्ष और विपक्ष की बैंड बजानें में व्यस्त हैं। क्या कहिएगा भाई.. जो हो रहा है वह सही है ? बहस का मुद्दा है भाई लेकिन आज का दिन बडा मिक्स्ड सी फ़ीलिंग लेकर आया.. टीवी पर पुलिसिया हाथापाई देखी और देखा की कैसे लोग इंकलाब ज़िन्दाबाद के नारे लगा रहे हैं और पुलिस उठा उठा के ले जा रही थी.. आज तो ऐसा लग रहा था की भाई तिरंगा धारण कीजिए और फ़िर पुलिसिया डंडा झेलिए... सरकार पकड पकड के मारेगी और ज़ेल में डाल देगी.. क्या कहें जो लोग आज इंकलाब ज़िन्दाबाद के नारे लगा रहे थे क्या वह वाकई देशभक्त थे... यह भी बहस का मुद्दा हो सकता है लेकिन प्रधानमंत्री का मौन धारण कर लेना और किसी प्रकार का कोई बयान न देना और भी कई प्रश्न दे जाता है। लेकिन फ़िर भी लोक-तंत्र में यह कहां तक जायज़ है... 




इसी बीच समाचार आया ए के हंगल साहब के चले जानें का... वाकई कुछ समय के लिए सन्नाटा सा ही छा गया... हिन्दी सिनेमा अवतार किशन हंगल को हमेशा याद रखेगा... जी बिल्कुल १५ अगस्त १९१५ को सियालकोट, पंजाब में जन्मे पद्मश्री हंगल साहब चरित्र अभिनेताओं के बीच एक मिसाल बनकर हमेशा जीवित रहेंगे.. 

हंगल साहब १९२९-१९४७ तक एक स्वतंत्रता सेनानी... १९३६-१९६५ एक थियेटर कलाकार और १९६५-२०१२ फ़िल्म कलाकार और चरित्र अभिनेता के रूप में हमेशा याद आएंगे... केवल एक लाईन... इतना सन्नाटा क्यों है भाई...  बुलेटिन की पूरी टीम की तरफ़ से उन्हे श्रद्धांजलि...



हंगल साहब के चले जानें से उबर ही पाए थे की तभी क्रिकेट जगत से न्यूज़ मिली की भारत नें विश्व कप जीत लिया है और वह भी आस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम को हराकर... टीवी जो थोडी देर पहले तक पुलिसिया लट्ठबाज़ी और हंगल साहब को दिखा रहा था अब क्रिकेटिया बुखार से त्रस्त था। मामला क्रिकेट से जुडी हुई एक बडी जीत का था सो सारे नेताओं को बधाई तो देनी ही थी.. जी बिल्कुल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति नें टीम की इस जीत के लिए बधाई संदेश भेजा...  खुशी की न्यूज़ थी तो सभी झूम रहे थे... और अजय माकन साहब नें टीम के लिए इनाम की घोषणा भी दे डाली.. शाम होते होते जब भारत नें न्यूज़ीलैड को हरा कर पहला टेस्ट जीत लिया तो फ़िर बधाई संदेशो का तांता लग गया...



सुबह से टीवी के इस रंग को देख कर हम हैरान थे और सोच रहे थे की प्रधानमंत्री घोटालों पर कोई बयान नहीं देते.. लोगों पर पुलिसिया ज़ुल्म के बारे में कुछ नहीं बोलते और लट्ठबाज़ी पर मौन धारण किए रहते हैं.. कोयले की दलाली खा कर करियाए प्रधानमंत्री की ज़ुबान मुद्दों पर खामोश रहती है लेकिन क्रिकेट के मामलों में बधाई देने के मामले में बयान दे जाते हैं। शायद कोई राजनीतिक समझ उन्हे ऐसा करनें को कहती होगी.. मीडिया और सरकार के रंग को दिन भर देखा... क्या कहें हिन्दुस्तान शायद ऐसे ही चलता है...

चलिए आज के बुलेटिन की ओर चलते हैं....

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मल्हार
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बिहार विभूति रासबिहारी लाल मंडल विशेष.
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किरदार ही नहीं एके हंगल का जीवन भी था आदर्श
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हास्य कविता-चैन से रहूँगा
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बाप (लघु कथा)
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इस फुलवारी की ५०० वीं पोस्ट और चालीसवां पड़ाव !
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आप ब्‍लॉगिंग क्‍यों करते हैं?
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व्‍यंग्‍य का शून्‍यकाल होगी लखनऊ के अंतरराष्‍ट्रीय हिन्‍दी ब्‍लॉगर सम्‍मेलन में 27 अगस्‍त 2012 को ब्‍लॉगार्पित
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क्षणि‍काएं....
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प्रिंट मिडिया में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लोगर सम्मलेन
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पूंजीवाद एक प्रेत कथा – अरुंधति राय
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आशा है आपको आज का बुलेटिन पसन्द आया होगा...  बुलेटिन की पूरी टीम की तरफ़ से लखनऊ में हो रहे ब्लागर मिलन के लिए शुभकामनाएं...  हमारे रिपोर्टर शिवम मिश्रा जी और पाबला जी वहां बुलेटिन का प्रतिनिधित्व करेंगे... आशा है इस मिलन से सार्थक ब्लागिंग को नई दशा और दिशा मिलेगी..

तो आज देव बाबा को कल तक के लिए इजाजत दीजिए.. कल फ़िर मिलेंगे

जय हिन्द

7 टिप्पणियाँ:

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

प्रधान मंत्री जी के बारे में क्या कहा जाए वह खुद कहतें हैं मैं क्या कर सकता हूँ मैं तो प्रधान मंत्री हूँ ,मुझसे कोई हाथ मिलाये और उसके हाथ काले हो जाएँ तो इसमें मेरा क्या कुसूर ,रिमोट को न्यूट्रल करो तो मैं राष्ट्री मुद्दों पे मुंह खोलूँ फिलवक्त मैं क्या कर सकता हूँ .हंगल साहब का जाना एक भोली भावपूर्ण सोचती हुई सी भाव प्रवण शख्शियत का जाना है अनेक फ़िल्में देखीं हैं उनकी -उनके महाप्रयाण पर श्रृद्धांजलि ,कैंटन (मिशगन )के प्रणाम ,वीरुभाई ,४३,३०९ ,सिल्वरवुड ड्राइव ,कैंटन ,मिशिगन ,४८ १८८
कृपया यहाँ भी पधारें -.
ram ram bhai
रविवार, 26 अगस्त 2012
एक दिशा ओर को रीढ़ का अतिरिक्त झुकाव बोले तो Scoliosis
एक दिशा ओर को रीढ़ का अतिरिक्त झुकाव बोले तो Scoliosis
मुझे अपने पापा की सलाह के बिना कुछ काम नहीं करना चाहिए, क्योकिं अब मुझे यह ज्ञान हो चूका था की मेरे पापा दुनियां के सबसे समझदार और सबसे ज्यादा प्यार करने वाले व्यक्ति हैं .....।
मुझे अपने पापा की सलाह के बिना कुछ काम नहीं करना चाहिए, क्योकिं अब मुझे यह ज्ञान हो चूका था की मेरे पापा दु

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

कल का दिन घटनाप्रधान रहा है।

Shah Nawaz ने कहा…

अच्छी कवरेज देव साहब!

Meenakshi ने कहा…

achha lagi bulletin ki khas khabre padkar ..

साकेत शर्मा ने कहा…

अच्छे लिंक्स..शुक्रिया

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बेहद बढ़िया बुलेटिन देव बाबू ...
लखनऊ ब्लोगर मिलन काफी कामयाब रहा ! काफी लोगो से मुलाक़ात हुई ! जाल्ड आपको सब रिपोर्ट मिलेंगी !



हंगल साहब को श्रद्धांजलि!

HARSHVARDHAN SRIVASTAV ने कहा…

BAHUT HI BADIYA VYANG PRASTUT KIYA HAI AAPNE.ISKE LIYE BAHUT-BAHUT BDHAI !

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