Subscribe:

Ads 468x60px

मंगलवार, 27 मार्च 2012

सेहत का खजाना पॉपकार्न और ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम !

अगली बार आप फिल्म देखने जाएं तो मध्यातर में पॉपकार्न का पैकेट लेना न भूलें क्योंकि एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि हलके फुलके अंदाज में खा लिए जाने वाले मकई के यह फूले हुए दाने दरअसल बेहतरीन पोषक आहार है।
स्क्रैंटन विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने पता लगाया है कि पॉपकार्न में फलों और सब्जियों से कहीं ज्यादा एंटीआक्सीडेंट या शरीर से बीमारी को दूर रखने वाले तत्व होते हैं। वैसे यह तो सभी जानते हैं कि पॉपकार्न में फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं और वसा या फैट बहुत कम होते हैं।
एंटीआक्सीडेंट की अधिक मात्रा शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और कैंसर, डिमेंशिया और यहा तक कि दिल की बीमारी से भी हिफाजत करती है।
सूत्रों के मुताबिक पॉपकार्न में पोलीफेनोल्स एंटीआक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में जमा होकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक तत्वों के जमाव को रोकते हैं। अध्ययन से पता चला है कि पॉपकार्न के एक बाउल में 300 मिलीग्राम तक पोलीफेनोल्स हो सकते हैं, जो एक दिन की एक व्यक्ति की पोलीफिनोल्स की जरूरत के 13 प्रतिशत की पूर्ति करते हैं।
एक अन्य आश्चर्यजनक तथ्य यह सामने आया है कि पॉपकार्न का भीतर का सख्त भाग, जो अकसर दातों में फंसकर परेशान करता है दरअसल पोलीफेनोल्स और फाइबर का सबसे बड़ा स्रोत है।
वैसे अध्ययन का नेतृत्व करने वाले डा. जो विंसन का कहना है कि मकई के दानों को तेल, मक्खन अथवा नमक डालकर भूनने से इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। उनका कहना है कि अगर मकई के दानों को बिना कुछ मिलाए ही भूनकर खाया जाए तो इसके एक बाउल से एक व्यक्ति की पूरे दिन की अनाज की जरूरत का 70 प्रतिशत तक मिल जाता है। यह आलेख आप यहाँ भी पढ़ सकते है ।

वैसे ब्लॉग बुलेटिन और पोपकोर्न का कॉम्बिनेशन भी बढ़िया रहेगा ... आपका क्या ख्याल है ???

सादर आपका 


---------------------------------------------------------------------------- 

posted by Puja Upadhyay at लहरें...
एक मेरे न होने से कुछ नहीं बदलता...शाम मेरे घर के खाली कमरों में तब भी तुम्हारी आहटें ढूंढेगी...जब कि दूर मैं जा चुकी हूँ पर शाम तुम्हें मिस करेगी. मैं कोई उलाहना भी नहीं दे पाउंगी शाम को कि किसी दूसरे श...

posted by Lalit Kumar at दशमलव
लेख का पहला भाग आइये दूरदर्शन की पुरानी यादों के सफ़र पर आगे बढ़ते हैं। फुलवंती इस धारावाहिक ने कुछ ऐसा सस्पेंस पैदा किया था जो आज तक कोई दूसरा …

posted by dheerendra at काव्यान्जलि ...
तुम्हारा चेहरा चाँद से भी खूबसूरत है तुम्हारा चेहरा हमने सौ बार निगाहों में उतारा चेहरा, सबकी नजरों से महफिल में बचाकर नजरें चुपके-चुपके से हर नजर ने निहारा चेहरा, देखकर आपको कुछ वो भी तो हैरान होगा आपने ...
posted by नवीन प्रकाश at Hindi Tech - तकनीक हिंदी में 
गूगल की VOIP सेवा अब भारत में भी उपलब्ध हो गयी है यानि अब आप अपने जीमेल अकाउंट से भी किसी को फ़ोन कॉल करके कंप्यूटर के हेडफोन और माइक बात कर पायेंगे । देखिये ये कितना आसान है अपने जीमेल के चैट बॉक्स में ...

posted by noreply@blogger.com (दिगम्बर नासवा) at स्वप्न मेरे................
जिस्म काबू में नहीं और मौत भी मिलती नहीं या खुदाया रहम कर अब जिंदगी कटती नहीं वक्त कैसा आ गया तन्हाइयां हैं हम सफर साथ में यादें हैं उनकी दिल से जो मिटती नहीं लौटना बच्चों का बाकी है अभी तक गाँव में क...
posted by girish pankaj at गिरीश पंकज 
*कभी भी बंदरों के हाथ में पत्थर नहीं देते बहुत जो मूर्ख होते हैं उन्हें उत्तर नहीं देते* * हमेशा मौन रहना ही यहाँ अच्छी दवाई है जो ज्ञानी हैं यहाँ उत्तर कभी कह कर नहीं देते* * यहाँ जैसा जो करता है सदा भरता ह...
posted by कुमार राधारमण at स्वास्थ्य-सबके लिए 
माना जाता है कि पानी हमारे शरीर को तरोताजा रखता है। स्वस्थ रहना है तो ईश्वर की इस देन का भरपूर आनंद उठायें। पानी पीने से पाचन तंत्र प्राकृतिक रूप से ठीक रहता है। सुबह उठने पर एक गिलास पानी पीने से पेट साफ...

posted by प्रेम सरोवर at प्रेम सरोवर 
*लेकिनमेरा** **लावारिस दिल**”*** : *(डॉ. राही मासूम रजा)** * *मस्जिद तो अल्लाह की ठहरी** ** **मंदिर राम** **का निकला** **लेकिन मेरा** **लावारिस** **दिल** **अब जिस की** **जंबील में कोईख्वाब** ** **कोई ताब...

फरिश्तों में विश्वास रखते हो? मैं रखता हूँ, अक्सर मेरी दिल की बात सुनने, मुझसे समझने आ जाता, पहले अक्सर आया करता था, फिर कुछ कम हो गया उसका आना, कहता था कि उम्र हो चली है उसकी, जो माँगना है अभी माँग लो, फि...

posted by अमित श्रीवास्तव at "बस यूँ ही " .......अमित 
गुनगुनी सी रात में, तुम्हे गुनगुनाना चाहता हूँ, अनमने से मन को मनाना चाहता हूँ, लग न जाए तेरी नज़र को मेरी नज़र, उस नज़र की नज़र उतारना चाहता हूँ, रह गई हर वो बात जो अनकही अनसुनी, उसे सुनना और सुनाना चाहत...

posted by शिवम् मिश्रा at बुरा भला
*जयदीप शेखर जी* से एक वादा किया था कि जल्द से जल्द उनकी पुस्तक, *"नाज़ - ए - हिन्द सुभाष"*, को कलकता के नेता जी भवन तक पहुंचा दूंगा ... सो *23 मार्च 2012 * के दिन वो वादा पूरा हुआ ! वैसे तो अब तक मेरे लिए ...

----------------------------------------------------------------------------

अब आज्ञा दीजिये ...
जय हिंद !!

8 टिप्पणियाँ:

shikha varshney ने कहा…

पोपकोर्न +बुलेटिन = मजेदार

रश्मि प्रभा... ने कहा…

बढ़िया स्वाद बढ़िया लिंक्स

सुज्ञ ने कहा…

पुष्टिवर्धक पॉपकॉर्न और लाजवाब लिंक

dheerendra ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन + लिंक्स = पॉपकॉर्न,...
मेरी रचना को ब्लॉग बुलेटिन स्थान देने के लिए...शिवमं जी बहुत२ आभार.....

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

ज़बरदस्त पॉप कॉर्न की तरह उछलती हुई बुलेटिन.. और दमकते हुए लिंक्स!!

रविकर ने कहा…

ज़बरदस्त- खिले हुवे

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बड़े ही रोचक सूत्र..

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार