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मंगलवार, 13 मार्च 2012

बंद करो बक बक - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम !

हमारे आस-पास ऐसे बहुत से लोग होते है जिनकी फिजूल की बातों में सामने वाले को भले ही रुचि न हो, लेकिन उनकी बकबक चालू ही रहती है। अब ऐसे लोगों की जुबान पर ताला लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक मशीन तैयार की है। जापान में स्पीच जैमर नाम की यह मशीन अत्यधिक बोलने वाले को एकदम से खामोश कर सकती है। इस मशीन में माइक्रोफोन और स्पीकर लगा हुआ है। यह माइक्रोफोन बोलने वाले की आवाज को रिकार्ड कर स्पीकर को भेज देता है, और 0.2 सेकंड की देरी के बाद दोबारा सुनाता है। जब वक्ता को अपने ही शब्द तकरीबन एक सेकंड बाद सुनाई देते है तो वह बात करने में अक्षम हो जाता है। इस तरह बकबकी लोगों से सामने वालों को छुटकारा मिल जाता है। इस खबर को आप यहाँ भी पढ़ सकते है !

अब इस से पहले कि आप लोग मेरी बक बक बंद करने के लिए इस मशीन का उपयोग करने की सोचने लगे मैं चलता हूँ आज की ब्लॉग बुलेटिन लगाने !

सादर आपका 


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सुनाइये 

इस को दलदल में ही रहने दो 

vicks खाओ ... खिंच खिंच भगाओ ...

वाह भई वाह

कितने समझते है 

कहाँ 

 अक्सर कामयाब होती है

किसका 

सब से भली 

सत्य वचन 

जय बाबा की 

सब जू जू का दोष है 

हे राम सच में 

चलो घूम आयें श्रीमान 

बताएं आप 

पर क्यों 

पर काहे जी 

किसका कितना 

यूँ लगा खुदा चल गया है

बधाइयाँ जी बधाइयाँ 

लगता तो है पर अब तो सब को आदत पड़ गयी है   

चलें क्या 

अजब और गजब भी 

आभार इस जानकारी का 

किसकी और किसको 
उपयोगी जानकारी के लिए आभार 

क्या है 

हमें भी यही लगता है 

गूंज रही है हर तरफ 

आखिर कर ही दी न ... उंगली     

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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिंद !!       

25 टिप्पणियाँ:

shikha varshney ने कहा…

अरे क्या मशीन की जानकारी दी है ..बड़े काम की है..बुलेटिन भी.

Archana ने कहा…

हा हा... इस मशीन की जानकारी कहीं मेरे लिये तो नहीं......क्यों बताया सबको ???....:-) मेरी बकबक तो काम आती है न!... और ये आज्ञा लेकर जा कहाँ रहे हैं आप? बुलेटिन पढ़ने तो दिजीए.........:-)

कुमार राधारमण ने कहा…

अच्छा संकलन है।

Anupama Tripathi ने कहा…

शिवम जी बहुत सुंदर लिंक्स चयन ....काफी पढ़ लिए ...कुछ ज्वाइन भी कर लिए ...
बढ़िया बुलेटिन

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति!
आभार!

मनोज पटेल ने कहा…

अच्छा संकलन शिवम् जी. बहुत-बहुत धन्यवाद!!

ana ने कहा…

sabhi links ek se badhkar ek....shukriya

राजीव तनेजा ने कहा…

बढ़िया ब्लॉग बुलेटिन...
मेरी रचना को इसमें स्थान देने के लिए धन्यवाद

sangita ने कहा…

अच्छा संकलन,प्रस्तुति!आभार!

अनुपमा पाठक ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन!
आभार!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

अरे! फिर गिरिजेश जी का क्या होगा.. वे कहते हैं कि मेरी बकबक में नायाब बातें होती हैं!!:)
अच्छी जानकारी!! बेहतर लिंक्स!!

उदय - uday ने कहा…

bahut khoob ...

उदय - uday ने कहा…

shaandaar-jaandaar charchaa ...

मनोज कुमार ने कहा…

सादर अभिवादन! सदा की तरह आज का भी अंक बहुत अच्छा लगा।

dheerendra ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति,हमेशा कि तरह लाजबाब.....शिवम जी बधाई

RESENT POST...काव्यान्जलि ...: तब मधुशाला हम जाते है,...

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

बड़े जतन से सहेजे हैं बुलेटिन के सूत्र। बधाई।

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

जी हमने तो सुना दी ...
पर मन में अभी भी हलचल है इन्सान का ये रूप देख .....

वाणी गीत ने कहा…

अच्छे लिंक्स !

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

आपका दिल से शुक्रिया शिवम जी , मेरी रचना को यहाँ शामिल करने के लिये. यूँ ही अपना प्यार बनाए रखे .

विजय

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

धन्यवाद शिवम भाई !
ब्लॉग के मेनू बार पर लिंक लगाने की बढ़िया सीख !

देव कुमार झा ने कहा…

ha ha, aaj se bak bak band :-)

Kulwant Happy ने कहा…

आपका ये प्‍यार और स्‍नेह अदुभत है
, बहुत बहुत शुक्रिया

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....
इंडिया दर्पण की ओर से शुभकामनाएँ।

कविता रावत ने कहा…

bak-bak karne walon ke aage yah स्पीच जैमर machine khud kab jaam ho jaayegi yahan to uska phi pata nahi lag paayega...
bahut badiya prastuti ke sath badiya links ke sath sarthak bulletin prastuti...

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार!

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